डॉ. सोलंकी के अनुसार नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। इसके बाद 26 मई 2014 से वे देश के प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रसेवा कर रहे हैं। इसी सेवा यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक आयोजन या उत्सव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनसेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत-2047 के संकल्प को मजबूत करने का माध्यम बनेगा।
पत्रकार वार्ता में डॉ. सोलंकी ने प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता, निःशुल्क राशन, सामाजिक सुरक्षा, कोविड टीकाकरण और महिला सशक्तिकरण सहित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से गरीब, किसान, महिला, युवा और आम नागरिकों के जीवन में बदलाव लाने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को भी सरकार की उपलब्धियों के रूप में बताया।
अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को सेवा दिवस के रूप में होगी। इस दौरान रक्तदान शिविर सहित विभिन्न सेवा गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसी दिन शाम 7 बजे प्रदेश के सभी बूथों पर आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। भाजपा कार्यकर्ता लाभार्थियों के घर पहुंचकर भी दीप प्रज्ज्वलित करेंगे। विद्यार्थियों के बीच मेरे सपनों का भारत अभियान चलाया जाएगा। 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक स्कूलों में चित्रकारी, ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। नमो सेवा-अनकही कहानियां कार्यक्रम के माध्यम से नाट्य और नुक्कड़ नाटक के जरिए सेवा यात्रा और योजनाओं से जुड़े संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने की योजना है।
25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों पर आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम होगा। इसमें बच्चों और माताओं को पोषण, स्वास्थ्य तथा महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा दीदियों के सम्मान का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। इसके अलावा शक्ति केंद्रों पर सेवा की कहानी, 7 अक्टूबर को सेवा ज्योति कलश यात्रा और 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा मेरा योगदान अभियान के तहत 25 प्रकार की सेवा गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सभी विधानसभा क्षेत्रों में विकासखंड स्तर पर सेवा सेतु कैंप लगाए जाएंगे, जहां पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और आवेदन प्रक्रिया में सहायता देने का प्रयास किया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में वडनगर-वाराणसी प्रस्तावित सेवा यात्रा की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि 250 बाइक पर 500 यात्री वडनगर के हाटकेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर यात्रा शुरू करेंगे। गुजरात की पवित्र नदियों का जल लेकर 10 अलग-अलग टोलियां वाराणसी पहुंचेंगी और काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक करेंगी। इसी तरह वाराणसी से वडनगर के लिए भी यात्रा निकाली जाएगी। आलीराजपुर जिले में वडनगर से वाराणसी जाने वाली यात्रा के दो दलों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था प्रस्तावित है। एक दल गुजरात के कवांट से सोंडवा और दूसरा दाहोद से चंद्रशेखर आजाद नगर में प्रवेश करेगा। डॉ. सोलंकी ने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” अभियान की आधार भावना रहेगी।