उर्स के दौरान परचम कुशाई, शाही संदल चादर, मजार-ए-पाक का गुस्ल, कुरान ख्वानी, नात व मनकबत और कुल की फातिहा जैसे धार्मिक आयोजन होंगे। दरगाह परिसर और आसपास साफ-सफाई, सुरक्षा, पेयजल और विश्राम की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दरगाह कमेटी की ओर से सर्वधर्म सद्भाव की परंपरा के तहत आने वाले लोगों के लिए शाकाहारी विशेष लंगर की व्यवस्था भी की जाती है।
उर्स के पहले दिन 28 सितंबर को दरगाह परिसर में परचम कुशाई के साथ आयोजन की शुरुआत होगी। इसी दिन संदल चादर का कार्यक्रम भी होगा। रात 10 बजे ऑल इंडिया नातिया मुशायरा आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न स्थानों से नातिया शायर और धार्मिक विद्वान शामिल होंगे। कार्यक्रम में अहमद असरार की कोरबा कमेटी के साथ हजरत मौलाना रज्जब अली मदारी शरीफ, हलचल सिवानी, जैमल आबेदीन कानपुर, शाहबाज कमर कलकत्ता, मुबारक हुसैन मुबारक शास्ता कलकत्ता और मोहम्मद इलियास असरार की शिरकत बताई गई है।
29 सितंबर को उर्स के दूसरे दिन गुस्ल-ए-मजार-ए-पाक और शाही संदल का आयोजन होगा। रात 9 बजे बाबा सरकार की शान में अजीमुशान जलसा-ए-तकरीर आयोजित किया जाएगा। इसमें सैय्यद राशिद मक्की मियां साहब किबला किछौछा शरीफ, अयोध्या, उत्तर प्रदेश की तकरीर होगी।
30 सितंबर को संदल चादर का कार्यक्रम होगा, जिसे अम्मी जान साहिबा से संबंधित बताया गया है। रात 10 बजे महफिले समा में मुंबई के रेडियो-टीवी सिंगर मुजतबा अजीज नाजा कव्वाली पेश करेंगे। इसके बाद 1 अक्टूबर को चौथे दिन रात 10 बजे बिजनौर, उत्तर प्रदेश के रईस अनीस अंसारी कव्वाली की प्रस्तुति देंगे।
उर्स के अंतिम दिन 2 अक्टूबर को सुबह 11 बजे रंग की महफिल आयोजित होगी, जिसमें रईस अनीस साबरी बिजनौरी की मौजूदगी रहेगी। सैय्यद महमूद असरफ किबला किछौछा शरीफ की सदारत में उर्स का समापन होगा। सभी पांच दिनों के दौरान दोपहर से देर रात तक दरबारी शाही लंगर लगातार चलने की जानकारी कमेटी ने दी है।
लुतरा शरीफ बिलासपुर-बलौदा मुख्य मार्ग पर स्थित है। यहां बिलासपुर रेलवे स्टेशन से सड़क मार्ग के जरिए पहुंचा जा सकता है। उर्स के दौरान श्रद्धालुओं और जायरीनों की सुविधा के लिए परिवहन तथा अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर प्रशासन और दरगाह कमेटी की ओर से काम किया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सदर हाजी मो. इकबाल हक सहित दरगाह कमेटी के खजांची फैजान अहमद शेख, नायब खजांची जावेद ख्वानी और अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।