कबीरधाम के दलदली ग्राम में नशा मुक्ति का शंखनाद, बैगा समुदाय ने लिया सशक्त भविष्य का संकल्प

कबीरधाम जिले के दूरस्थ दलदली ग्राम में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत बैगा आदिवासी समुदाय, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने नशा मुक्ति की शपथ ली। समाज कल्याण विभाग, पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल ने आदिवासी क्षेत्र में जागरूकता की नई अलख जगाई।

Nov 22, 2025 - 17:09
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कबीरधाम के दलदली ग्राम में नशा मुक्ति का शंखनाद, बैगा समुदाय ने लिया सशक्त भविष्य का संकल्प

 UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और दूरस्थ क्षेत्र होने के बावजूद कबीरधाम जिले के दलदली ग्राम में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत सराहनीय पहल की गई। बैगा आदिवासी बहुल इस क्षेत्र में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आयोजित नशा मुक्ति शपथ ग्रहण कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सशक्त समाज का निर्माण किसी भी दूरी या चुनौतियों से बड़ा है।

दलदली क्षेत्र की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए समाज कल्याण विभाग और स्थानीय प्रशासन ने इस कार्यक्रम को जन-जागरूकता का एक प्रभावी अभियान बना दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं और विद्यार्थियों को नशे की लत के खतरों से बचाना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना था। अभियान के वालेंटियर  चंद्रकांत यादव ने उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। इस शपथ में यह संकल्प शामिल था कि वे स्वयं नशा नहीं करेंगे और न ही अपने परिवार या समुदाय को नशे से जुड़े किसी भी दुष्प्रभाव का हिस्सा बनने देंगे।

कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त भागीदारी उल्लेखनीय रही। समाज कल्याण विभाग कबीरधाम के मार्गदर्शन में संचालित यह अभियान अब जिलेभर में एक जन आंदोलन की रूपरेखा ले चुका है। दलदली का यह आयोजन सिद्ध करता है कि दूरस्थ, आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों में भी सतत जन-जागरूकता, परामर्श और सकारात्मक संवाद के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन लाया जा सकता है।

यह शपथ केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बैगा आदिवासी समुदाय के लिए एक स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त भविष्य की नींव है। कार्यक्रम में जिला प्रशासन ने यह भी संकल्प व्यक्त किया कि नशा मुक्त भारत की इस मुहिम को जिले के हर गाँव तक पहुँचाया जाएगा।

इस अवसर पर सहायक उप निरीक्षक  बोनीफास मिंज, प्रधान आरक्षक  वसीम रजा कुरैशी, महिला आरक्षक  सुभद्रा मरकाम (थाना तरेगांव जंगल), प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दलदली, प्रधान पाठक शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय दलदली, अधीक्षक शासकीय आदिवासी आश्रम शाला, साथ ही क्षेत्र के सरपंच, उपसरपंच, पंच और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने जमीनी स्तर पर सहयोग और नेतृत्व की मिसाल पेश की।