घरेलू LPG सिलेंडर के दाम बढ़ने पर सरकार का बचाव, कहा- हर सिलेंडर पर 703 रुपये का हो रहा नुकसान

घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद सरकार ने इसका बचाव करते हुए कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को अभी भी प्रत्येक सिलेंडर की बिक्री पर 703 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरकार के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में भारी वृद्धि के बावजूद भारत में एलपीजी दुनिया के कई देशों की तुलना में सस्ती है।

Jun 7, 2026 - 15:55
 0  4
घरेलू LPG सिलेंडर के दाम बढ़ने पर सरकार का बचाव, कहा- हर सिलेंडर पर 703 रुपये का हो रहा नुकसान

UNITED NEWS OF ASIA. देशभर में घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। 7 जून 2026 से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। इस वृद्धि के बाद आम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। हालांकि सरकार ने इस मूल्य वृद्धि का बचाव करते हुए कहा है कि इसके बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को प्रत्येक सिलेंडर की बिक्री पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

सरकार के अनुसार वर्तमान में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की वास्तविक आपूर्ति लागत 1600 रुपये से अधिक पहुंच चुकी है। इसके मुकाबले उपभोक्ताओं से केवल 942 रुपये ही लिए जा रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक सिलेंडर पर लगभग 703 रुपये की अंडर-रिकवरी यानी नुकसान सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को वहन करना पड़ रहा है।

बताया गया है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में लगभग 46 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। इसके बावजूद भारत में घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही है।

यह लगातार दूसरी बार है जब घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले 7 मार्च 2026 को भी गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की वृद्धि की गई थी। मार्च और जून की बढ़ोतरी को मिलाकर अब तक उपभोक्ताओं पर प्रति सिलेंडर 89 रुपये का अतिरिक्त भार पड़ चुका है।

सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को सब्सिडी का लाभ जारी रखा गया है। योजना के पात्र लाभार्थियों को साल में चार बार 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी दी जाएगी। इस सब्सिडी के बाद उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए प्रभावी सिलेंडर कीमत लगभग 642 रुपये रह जाएगी।

सरकार का दावा है कि उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली यह कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार की वास्तविक लागत की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत कम है। अधिकारियों के अनुसार सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां मिलकर उपभोक्ताओं पर बढ़ती वैश्विक कीमतों का पूरा बोझ नहीं पड़ने दे रही हैं।

हालांकि विपक्षी दलों और उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि से मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ेगा। वहीं सरकार का तर्क है कि वैश्विक बाजार में बढ़ी लागत और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों को देखते हुए यह निर्णय आवश्यक था।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की स्थिति आने वाले महीनों में घरेलू एलपीजी कीमतों की दिशा तय करेगी। फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां उपभोक्ताओं को राहत देने और आपूर्ति बनाए रखने के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं।