सरकार और CJP के बीच बातचीत के संकेत, केंद्रीय मंत्री ने कहा- जब चाहेंगे, तब होगी चर्चा

दिल्ली में जारी CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने बातचीत के लिए तैयार होने का संकेत दिया है। CJP ने भी संवाद पर सहमति जताई है, लेकिन बैठक के स्थान को लेकर अपनी शर्तें सामने रखी हैं।

Jul 22, 2026 - 15:39
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सरकार और CJP के बीच बातचीत के संकेत, केंद्रीय मंत्री ने कहा- जब चाहेंगे, तब होगी चर्चा

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में जारी CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार और संगठन के बीच बातचीत की संभावनाएं बढ़ती दिखाई दे रही हैं। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आंदोलन के संदर्भ में बातचीत के लिए सरकार की ओर से सकारात्मक रुख जताते हुए कहा कि CJP जब भी चाहे, सरकार संवाद के लिए तैयार है। इसके बाद संगठन ने भी बातचीत पर सहमति जताई, हालांकि बैठक को लेकर कुछ शर्तें रखी हैं।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली में चल रहे प्रदर्शन के बीच जेपी नड्डा ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से लगभग 45 मिनट तक मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि सरकार संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की पक्षधर है और जब भी CJP चाहे, बातचीत की जा सकती है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन बैठक किसी राजनीतिक नेता के आवास या कार्यालय में नहीं होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि सरकार चर्चा करना चाहती है तो उसके प्रतिनिधि जंतर-मंतर आएं या फिर किसी तटस्थ स्थान, जैसे संविधान क्लब, में बैठक आयोजित की जाए।

सौरव दास ने कहा कि सरकार पहले यह कहती रही कि CJP बातचीत नहीं करना चाहती, लेकिन अब सरकार स्वयं संवाद के लिए आगे आई है। उनका कहना है कि यदि दोनों पक्ष इच्छुक हैं तो बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है और समाधान का रास्ता निकाला जा सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने संगठन से संपर्क कर सरकार की बातचीत की इच्छा से अवगत कराया था। हालांकि CJP का स्पष्ट रुख है कि वह अपनी शर्तों के अनुसार ही बैठक में शामिल होगा।

CJP का कहना है कि सरकार को आंदोलन की शुरुआत में ही बातचीत करनी चाहिए थी। संगठन के अनुसार, किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद ही समस्याओं के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम होता है। इसलिए वह बातचीत से पीछे नहीं हट रहा है, बल्कि चाहता है कि प्रक्रिया निष्पक्ष और सभी पक्षों के लिए स्वीकार्य वातावरण में हो।

फिलहाल सरकार और CJP के बीच औपचारिक वार्ता की तारीख और स्थान तय नहीं हुआ है। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से बातचीत की इच्छा जताए जाने के बाद यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में गतिरोध समाप्त करने के लिए संवाद की दिशा में ठोस पहल हो सकती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि वार्ता सफल रहती है तो लंबे समय से जारी आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान निकल सकता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दोनों पक्ष बैठक की रूपरेखा पर कब सहमति बनाते हैं और बातचीत का अगला चरण कब शुरू होता है।