पिथौरा में मृत सुअर 15 घंटे तक पड़ा रहने का आरोप, लाखागढ़ तालाब क्षेत्र में गंदगी और संक्रमण के खतरे पर उठे सवाल

महासमुंद जिले के पिथौरा के लाखागढ़ तालाब और गुरु तेग बहादुर भवन के आसपास सुअरों के खुले घूमने तथा एक मृत सुअर के लंबे समय तक पड़े रहने को लेकर रहवासियों ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। रहवासियों का आरोप है कि कुत्तों के हमले में सुअर के बच्चे की मौत के बाद शव करीब 15 घंटे तक नहीं उठाया गया। लोगों ने सुअरों की आवाजाही रोकने, संबंधित पालकों पर कार्रवाई और आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने की मांग की है।

Sep 5, 2026 - 20:06
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पिथौरा में मृत सुअर 15 घंटे तक पड़ा रहने का आरोप, लाखागढ़ तालाब क्षेत्र में गंदगी और संक्रमण के खतरे पर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास,महासमुन्द l जिले के पिथौरा नगर के लाखागढ़ तालाब और गुरु तेग बहादुर भवन के आसपास सुअरों के खुले घूमने तथा गंदगी की समस्या को लेकर रहवासियों में नाराजगी है। रहवासियों का आरोप है कि पानी टंकी के पीछे 4 सितंबर की शाम आवारा कुत्तों के झुंड ने एक सुअर के बच्चे पर हमला कर उसे मार दिया। इसके बाद मृत सुअर काफी देर तक सड़क किनारे पड़ा रहा, जिससे क्षेत्र में दुर्गंध और संक्रमण की आशंका को लेकर लोगों ने चिंता जताई है।

रहवासियों के अनुसार घटना की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बावजूद तत्काल नगर पंचायत की ओर से मृत सुअर को हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। बताया गया कि करीब 15 घंटे तक शव वहीं पड़ा रहा। इसके बाद क्षेत्र के रहवासी अनिल अग्रवाल और अन्य लोगों ने स्वयं पहल करते हुए संबंधित स्थानों पर सूचना दी। रहवासियों का कहना है कि सूचना देने के बाद देवार समुदाय के लोगों द्वारा सुबह मृत सुअर को वहां से हटाया गया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि लाखागढ़ तालाब के आसपास बड़ी संख्या में सुअर खुले में घूमते हैं। आरोप है कि ये सुअर दिनभर तालाब के कीचड़ और आसपास के गंदे स्थानों में रहते हैं तथा शाम के समय घरों और गलियों में पहुंच जाते हैं। इससे कॉलोनी में गंदगी और दुर्गंध की स्थिति बनी रहती है। रहवासियों ने यह भी दावा किया कि पिछले माह झलप क्षेत्र में सुअरों में बीमारी की खबर सामने आई थी। इसके बाद भी पिथौरा के लाखागढ़ क्षेत्र में सुअरों की खुले में आवाजाही को रोकने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

रहवासियों का कहना है कि जिस स्थान पर सुअर पर कुत्तों ने हमला किया, वह व्यस्त मार्ग है और यहां स्कूली बच्चों, बुजुर्गों तथा अन्य लोगों की आवाजाही रहती है। लोगों ने आवारा कुत्तों के बढ़ते झुंड को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि कुत्तों के हमले से भविष्य में राहगीरों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी परेशानी पैदा हो सकती है। वहीं खुले में घूमते सुअरों के कारण तालाब और आसपास के सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

रहवासियों ने नगर पंचायत से मांग की है कि लाखागढ़ तालाब और गुरु तेग बहादुर भवन के आसपास के वार्डों में सुअरों की खुले में आवाजाही पर रोक लगाने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए। संबंधित सुअर पालकों को नोटिस देकर आवश्यक हिदायत देने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जुर्माना लगाने की मांग भी की गई है। इसके साथ ही क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है।

रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते स्वच्छता और पशु नियंत्रण से जुड़े मामलों में कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में किसी संक्रमण या अन्य अप्रिय स्थिति के लिए नगर पंचायत की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। इस मामले में नगर पंचायत अध्यक्ष और सीएमओ से संपर्क करने का प्रयास किए जाने की बात भी रहवासियों ने कही, हालांकि संपर्क नहीं हो सका। फिलहाल स्थानीय लोग प्रशासन से समस्या का स्थायी समाधान करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तत्काल कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।