शिक्षक दिवस पर पुलिस कप्तान ने बढ़ाया गुरुजनों का मान, कबीरधाम में 30 शिक्षकों का सम्मान

शिक्षक दिवस के अवसर पर कबीरधाम पुलिस द्वारा संचालित अस्थायी स्कूलों में बच्चों को निस्वार्थ भाव से शिक्षा प्रदान कर रहे 30 शिक्षकों का सम्मान किया गया। पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव ने शिक्षकों को श्रीफल, शाल और प्रशस्ति पत्र भेंट किए। कार्यक्रम में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के शिक्षा क्षेत्र में योगदान को याद किया गया। पुलिस अधीक्षक ने शिक्षकों के सेवाभाव की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ना उनके व्यक्तित्व और भविष्य निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य है।

Sep 5, 2026 - 19:50
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शिक्षक दिवस पर पुलिस कप्तान ने बढ़ाया गुरुजनों का मान, कबीरधाम में 30 शिक्षकों का सम्मान

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम। शिक्षक दिवस के अवसर पर कबीरधाम पुलिस द्वारा संचालित अस्थायी स्कूलों में निस्वार्थ भाव और सेवा भावना के साथ बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहे शिक्षकों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय कबीरधाम में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव ने शिक्षकों का स्वागत करते हुए उन्हें श्रीफल, शाल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर शिक्षकों के समर्पण, सेवाभाव और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। शिक्षक दिवस डॉ. राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। कार्यक्रम के दौरान उनके शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। उपस्थित लोगों ने शिक्षक के महत्व और समाज के निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित किया।

इसके बाद पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव ने कार्यक्रम में आमंत्रित सभी शिक्षकों का स्वागत किया। उन्होंने अस्थायी स्कूलों में बच्चों को शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षकों के कार्यों की सराहना की। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि शिक्षक समाज के भविष्य निर्माता होते हैं। वे अपने ज्ञान, संस्कार और समर्पण के माध्यम से बच्चों के जीवन को नई दिशा प्रदान करते हैं। ऐसे शिक्षकों का सम्मान उनके कार्य के प्रति समाज की कृतज्ञता को व्यक्त करने का माध्यम है।

कबीरधाम पुलिस द्वारा संचालित अस्थायी स्कूलों में शिक्षक सीमित संसाधनों के बीच बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इन शिक्षकों द्वारा निस्वार्थ भावना के साथ बच्चों को पढ़ाने और उनके भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। शिक्षा के माध्यम से बच्चों में सीखने की क्षमता विकसित करने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने में इन शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि बच्चों को शिक्षा देना केवल उन्हें पढ़ना-लिखना सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके व्यक्तित्व निर्माण और उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार करने का कार्य है। उन्होंने शिक्षकों द्वारा जिस सेवा भावना के साथ बच्चों को शिक्षित किया जा रहा है, उसे सराहनीय और अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का समर्पण बच्चों के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

उन्होंने कहा कि कबीरधाम पुलिस कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी निभाने के साथ समाज के जरूरतमंद एवं वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी निरंतर प्रयास कर रही है। इस कार्य में शिक्षकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने के प्रयासों से उन्हें सीखने और अपने भविष्य के लिए बेहतर अवसर प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।

शिक्षक दिवस के अवसर पर सतपाल तलवरे, राजू धुर्वे, सुखसिंह, तिलियाबाई, वैसाखिन, कोमल सिंह, नेताम प्रकाश, टेकाम लमिया, मर्सकोले, विजय खूंटे, कुलदीप कुमार मिरावी, अखिल नारायण, धवनीबाई, संतोषी बैगा, नरियारो बैगा, श्रवण सिंह, जगत् खुसरे, मुकेश मस्कोले, सजनू बैगा, दिनेश कुमार, दिलीप कुमार, देवराज मेरावी, तोमेंद्र सिंह, अमृतलाल यादव, केसर मिरावी, चैतू रामधुर्वे, जयराम पोर्ते, धर्म सिंह मिरावी, जगदीश चौधरी और सिध्दराम पाटिल को सम्मानित किया गया। सभी शिक्षकों को श्रीफल, शाल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

सम्मान समारोह के दौरान पुलिस अधीक्षक ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को सामने रखा गया। कबीरधाम पुलिस द्वारा संचालित अस्थायी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का यह सम्मान उनके सेवाभाव को प्रोत्साहित करने के साथ बच्चों की शिक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी देता है।