ग्राम नंदकठी में धूमधाम से मनाई गई कृष्ण जन्माष्टमी, भजन-नृत्य और दही लूट ने बांधा समां

ग्राम नंदकठी में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। शाम को बाल कृष्ण की झांकी निकाली गई और दही लूट कार्यक्रम आयोजित हुआ। रातभर भक्तों ने भजन और नृत्य के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की। कथावाचक पंडित चंपेशकृष्ण महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार और उनके जीवन संदेश पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म मानवता को धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाने के लिए हुआ।

Sep 5, 2026 - 19:35
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ग्राम नंदकठी में धूमधाम से मनाई गई कृष्ण जन्माष्टमी, भजन-नृत्य और दही लूट ने बांधा समां

UNITED NEWS OF ASIA. लोकेश्वर सिंहठाकुर, नंदकठी l कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर गांव में पूरे दिन श्रद्धा और उत्साह का माहौल रहा। शाम होते ही श्रद्धालुओं की भीड़ धार्मिक आयोजन में जुटने लगी। इस दौरान बाल भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक झांकी निकाली गई, जिसमें भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। झांकी के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए और वातावरण भक्तिमय हो गया।

जन्माष्टमी के अवसर पर दही लूट कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। आयोजन में ग्रामीणों और युवाओं ने उत्साह के साथ सहभागिता की। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप और उनकी लीलाओं से जुड़े इस पारंपरिक आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। दही लूट के दौरान युवाओं में उत्साह देखने को मिला और पूरे आयोजन स्थल पर धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।

कार्यक्रम के दौरान कथावाचक पंडित चंपेशकृष्ण महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनके जीवन संदेश पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का अवतार धर्म की रक्षा और अधर्म के नाश के लिए हुआ। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कारागार में हुआ, लेकिन उनके कर्म और जीवन दर्शन ने उन्हें विश्वभर में पूजनीय बनाया। उनके जीवन से समाज को सत्य, धर्म, कर्तव्य और मानवता का संदेश मिलता है।

पंडित चंपेशकृष्ण महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण के जन्म का उद्देश्य केवल राक्षसी प्रवृत्तियों का नाश करना नहीं था, बल्कि मानव को मानवता का पाठ पढ़ाना भी था। उनके जीवन में कर्म, धर्म और कर्तव्य के अनेक संदेश मिलते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान श्रीकृष्ण के विचारों को अपने जीवन में अपनाने और समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव तथा भाईचारे की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।

जन्माष्टमी के अवसर पर गांव में धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। भक्तगण रातभर भजन और नृत्य करते रहे। भक्ति गीतों और धार्मिक जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। ग्रामीणों ने परिवार सहित कार्यक्रम में हिस्सा लिया और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

आयोजन के दौरान बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। बाल कृष्ण की झांकी ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। बच्चों और युवाओं ने धार्मिक आयोजन में अपनी भागीदारी निभाई। ग्रामीणों ने जन्माष्टमी पर्व को पारंपरिक तरीके से मनाते हुए भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके संदेशों को याद किया।

ग्राम नंदकठी में आयोजित कृष्ण जन्माष्टमी समारोह ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का संदेश भी दिया। पूरे आयोजन के दौरान ग्रामीणों ने मिल-जुलकर पर्व की खुशियां साझा कीं। भजन, नृत्य, झांकी और दही लूट जैसे कार्यक्रमों ने जन्माष्टमी उत्सव को खास बना दिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।

ग्रामीणों के लिए यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर भी बना। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेशों को याद करते हुए लोगों ने आपसी प्रेम, सद्भाव और मानवता के मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया। ग्राम नंदकठी में मनाया गया जन्माष्टमी पर्व इसी धार्मिक श्रद्धा, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ।