कार्यक्रम की शुरुआत विधायक भावना बोहरा द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ हुई। उन्होंने छत्तीसगढ़ और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने दही हांडी प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता शुरू होते ही गोविंदा टोलियों ने मानव पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर टंगी हांडी तक पहुंचने का प्रयास किया। इस दौरान पूरा आयोजन स्थल जय श्रीकृष्ण के उद्घोष से गूंजता रहा और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
दही हांडी प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। प्रतिभागियों ने सामूहिक तालमेल, साहस, धैर्य और टीम भावना का प्रदर्शन करते हुए हांडी तक पहुंचने का प्रयास किया। विधायक भावना बोहरा ने प्रतियोगिता में शामिल सभी टीमों का उत्साहवर्धन किया और युवाओं को अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए प्रेरित किया। आयोजन में मौजूद लोगों ने भी प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
प्रतियोगिता के परिणाम में ग्राम लिटीपुर की टोली ने प्रथम स्थान हासिल किया। विजेता टीम को विधायक भावना बोहरा ने 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि और ट्रॉफी प्रदान कर बधाई दी। ग्राम मरका की टोली ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जिसे 15 हजार रुपये और ट्रॉफी प्रदान की गई। वहीं ग्राम गोछिया पेंड्री की टोली तृतीय स्थान पर रही और उसे 11 हजार रुपये तथा ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। विधायक ने सभी विजेता टीमों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर भावना बोहरा ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल उत्सव का पर्व नहीं है, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के विचारों और उनके संदेशों को जीवन में अपनाने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने परिस्थितियां कैसी भी हों, सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग रहते हुए अपने कर्तव्य का पालन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जब युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़कर ऐसे आयोजनों में सक्रिय भागीदारी करती है, तो सांस्कृतिक विरासत और मजबूत होती है।
उन्होंने आयोजन में क्षेत्रवासियों की सहभागिता की सराहना करते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम युवाओं को रचनात्मक मंच उपलब्ध कराने के साथ उनमें नेतृत्व, अनुशासन, संगठन क्षमता और सहयोग की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं। ऐसे आयोजन युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम बन सकते हैं।
विधायक ने कहा कि पंडरिया विधानसभा में विकास कार्यों के साथ धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों को भी जनभागीदारी के माध्यम से गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि अपनी परंपराओं को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना सांस्कृतिक संरक्षण के साथ अपनी पहचान और मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने क्षेत्र में विकास के साथ सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की बात कही।
कार्यक्रम में भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता, युवा मोर्चा के पदाधिकारी, विभिन्न मंडलों की टीमें, सामाजिक संगठनों और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। दशरंगपुर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और दही हांडी प्रतियोगिता ने धार्मिक आस्था के साथ युवाओं की सहभागिता और सांस्कृतिक उत्साह को भी सामने रखा।