दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ यानी CII के कार्यक्रम में बार्ट डी वेवर ने वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है, लेकिन यूरोप इस बदलाव के साथ अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उन्होंने यूरोप की आर्थिक स्थिति और बदलती वैश्विक परिस्थितियों पर चिंता जाहिर करते हुए मजबूत साझेदारी और खुले बाजार के महत्व को रेखांकित किया।
अमेरिकी व्यापार नीतियों पर टिप्पणी करते हुए बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने किसी देश या नेता का सीधे नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को डोनाल्ड ट्रंप की बदलती टैरिफ नीतियों से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि कुछ देश पूरी तरह मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक एक दिन कोई फैसला लिया जाता है, कुछ ही दिनों बाद उसे रद्द कर दिया जाता है और फिर थोड़े समय बाद उसी फैसले को दोबारा लागू कर दिया जाता है। डी वेवर ने ऐसी परिस्थितियों के बीच व्यापारिक स्थिरता और स्पष्ट नीतियों की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खुले बाजार और मजबूत आर्थिक सहयोग महत्वपूर्ण हैं। बदलती व्यापार नीतियों और बढ़ते संरक्षणवाद के बीच देशों के बीच भरोसेमंद साझेदारी बनाए रखना जरूरी है। बेल्जियम के प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका की टैरिफ नीतियों का असर वैश्विक व्यापार व्यवस्था पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
भारत दौरे के दौरान बार्ट डी वेवर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से मिलना उनके लिए सम्मान की बात है और वह उन्हें दुनिया के सबसे प्रेरणादायक नेताओं में से एक मानते हैं। डी वेवर की इस टिप्पणी को भारत और बेल्जियम के बीच बढ़ते कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुंबई में भारत-बेल्जियम हाई-लेवल डायलॉग के दौरान भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते यानी India-EU FTA को लेकर भी चर्चा हुई। बेल्जियम यूरोपीय संघ का महत्वपूर्ण सदस्य है और ऐसे में भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। बैठक में दोनों पक्षों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के अवसरों पर विचार किया गया।
बार्ट डी वेवर ने यूरोप की बदलती आर्थिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजार के साथ सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही है। ऐसे में बेल्जियम की ओर से भारत के साथ मजबूत आर्थिक साझेदारी पर जोर दिए जाने को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
बेल्जियम के प्रधानमंत्री के बयान में भारत और अमेरिका के संबंधों का भी अप्रत्यक्ष संदर्भ नजर आया। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग को लेकर लगातार बातचीत चल रही है, वहीं यूरोपीय देश भी बदलती वैश्विक व्यापार व्यवस्था के बीच अपने हितों को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं। डी वेवर ने स्थिर और भरोसेमंद आर्थिक संबंधों को वैश्विक विकास के लिए जरूरी बताया।
कुल मिलाकर भारत दौरे पर बार्ट डी वेवर के बयानों में एक ओर अमेरिकी व्यापार नीतियों पर अप्रत्यक्ष कटाक्ष देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की खुलकर प्रशंसा की गई। भारत-ईयू व्यापार समझौते और आर्थिक सहयोग को लेकर हुई चर्चा से भी दोनों पक्षों के बीच संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि व्यापार समझौते से जुड़े अंतिम परिणाम और आगे की नीतिगत दिशा संबंधित आधिकारिक फैसलों के बाद ही स्पष्ट होगी।