चीनी के दाम में लगातार उछाल, 17 दिन में 19 रुपये तक बढ़ी कीमत; केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात को दी मंजूरी

देशभर में चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 17 दिनों में चीनी के दाम में करीब 19 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। थोक बाजार में कीमत 60 रुपये और फुटकर बाजार में करीब 65 रुपये किलो तक पहुंचने का दावा किया गया है। बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी है। इसके साथ ही चीनी के स्टॉक और बिक्री को लेकर भी डीलरों के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार ने चीनी निर्यात पर लगी रोक को 30 सितंबर 2026 तक जारी रखने का निर्णय लिया है।

Aug 21, 2026 - 12:43
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चीनी के दाम में लगातार उछाल, 17 दिन में 19 रुपये तक बढ़ी कीमत; केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात को दी मंजूरी

UNITED NEWS OF ASIA. देशभर में चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले 17 दिनों में चीनी के दाम में करीब 19 रुपये प्रति किलो तक की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले दो महीनों के दौरान इसकी कीमत में लगभग 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी बताई जा रही है। बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी है। सरकार को उम्मीद है कि आयातित चीनी की उपलब्धता बढ़ने से घरेलू बाजार में कीमतों पर दबाव कम होगा।

सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के लिए टैरिफ रेट कोटा लागू किया जाएगा। निर्धारित सीमा के भीतर कच्ची चीनी का शुल्क मुक्त आयात किया जा सकेगा। इसके लिए अधिसूचना में निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। आयातित कच्ची चीनी से तैयार चीनी को 31 अक्टूबर 2026 तक घरेलू बाजार में बेचने की शर्त भी रखी गई है।

चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने डीलरों के स्टॉक को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार जो डीलर हर महीने 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का इस्तेमाल करते हैं, वे 15 दिनों से अधिक समय तक स्टॉक नहीं रख सकेंगे। यह व्यवस्था एक सितंबर से लागू होकर 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।

रिपोर्ट के मुताबिक 31 जुलाई को चीनी की थोक कीमत करीब 44 रुपये प्रति किलो थी। एक अगस्त को यह बढ़कर 46 रुपये हुई और दो अगस्त को थोक भाव करीब 49 रुपये किलो तक पहुंच गया। इसके बाद 20 अगस्त को थोक कीमत लगभग 60 रुपये और फुटकर कीमत करीब 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने का दावा किया गया है। वहीं औसत मिल कीमत 5,400 से 5,500 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर तक पहुंच गई है।

एक साल पहले चीनी की मिल कीमत करीब 3,900 रुपये प्रति क्विंटल बताई गई थी। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि 18 अगस्त को चीनी की औसत खुदरा कीमत 52.3 रुपये प्रति किलो रही, जबकि एक साल पहले यह 46.34 रुपये प्रति किलो थी।

चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार ने इसके निर्यात पर भी रोक जारी रखी है। यह प्रतिबंध 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा। सरकार की अनुमति के बिना चीनी का निर्यात नहीं किया जा सकेगा। शुल्क मुक्त आयात और निर्यात प्रतिबंध के जरिए सरकार घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में आयातित चीनी की बाजार में उपलब्धता बढ़ने के बाद कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।