खनन प्रभावित सुरेवाही पंचायत में जर्जर स्कूल भवनों का मुद्दा, ग्रामीणों ने नवीन भवन की मांग उठाई

कांकेर जिले के अंतागढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत सुरेवाही के खनन प्रभावित इलाके में जर्जर स्कूल भवनों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से नवीन भवन निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों ने सुरेवाही, घुमर और छिंदभाट के तीन विद्यालयों की समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराते हुए जल्द भवन स्वीकृति की मांग की है।

Oct 5, 2026 - 21:13
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खनन प्रभावित सुरेवाही पंचायत में जर्जर स्कूल भवनों का मुद्दा, ग्रामीणों ने नवीन भवन की मांग उठाई

UNITED NEWS OF ASIA. राजेन्द्र मंडावी, कांकेर l अंतागढ़ क्षेत्र के ग्राम पंचायत सुरेवाही के खनन प्रभावित इलाके में जर्जर स्कूल भवनों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से नवीन भवन निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों ने पत्र के माध्यम से पंचायत क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक-माध्यमिक शाला सुरेवाही, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला घुमर और शासकीय प्राथमिक शाला छिंदभाट की समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया है।

ग्रामीणों के अनुसार शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सुरेवाही का भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। भवन की खराब स्थिति के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर बारिश के दौरान स्कूल भवन की स्थिति और अधिक चिंताजनक हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर भवन में विद्यार्थियों की कक्षाएं संचालित होने के कारण सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है और किसी तरह की दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इसी तरह ग्राम घुमर में संचालित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला का भवन भी जर्जर अवस्था में बताया गया है। ग्रामीणों के अनुसार भवन की स्थिति विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के अनुरूप नहीं है। स्कूल भवन की मरम्मत या नवीन भवन निर्माण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है।

ग्रामीणों ने छिंदभाट स्थित शासकीय प्राथमिक शाला की स्थिति को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है। ग्रामीणों के अनुसार यहां स्कूल भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई झोपड़ीनुमा व्यवस्था में संचालित की जा रही है। ऐसे माहौल में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ उन्हें मौसम की परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए स्कूल भवन का निर्माण बेहद जरूरी है।

ग्रामीणों ने कहा कि सुरेवाही पंचायत का क्षेत्र खनन गतिविधियों से प्रभावित है, इसके बावजूद शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर लंबे समय से समस्या बनी हुई है। क्षेत्र के बच्चों को सुरक्षित और बेहतर स्कूल भवन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता में होना चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर भवनों में पढ़ाई कराने के बजाय तीनों विद्यालयों के लिए आवश्यकतानुसार नवीन भवनों का निर्माण किया जाना चाहिए।

ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल भवनों की समस्या के संबंध में पूर्व में भी प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। इस संबंध में कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के समक्ष भी समस्या रखी गई थी। इसके बावजूद अभी तक तीनों विद्यालयों के लिए नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति नहीं मिलने से ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मांग की है कि सुरेवाही, घुमर और छिंदभाट स्थित विद्यालयों की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण कराया जाए और विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं शिक्षा को ध्यान में रखते हुए तीनों विद्यालयों के लिए नवीन भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के बच्चों को सुरक्षित भवन, बेहतर वातावरण और आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं मिलना उनका बुनियादी अधिकार है।

ग्रामीणों की इस मांग के बाद अब प्रशासन की ओर से स्कूल भवनों की स्थिति का आकलन और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पर जल्द निर्णय लिया जाएगा और खनन प्रभावित सुरेवाही पंचायत के बच्चों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक स्कूल भवन उपलब्ध हो सकेगा।