केसली में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, सागौन तस्करी में तीन दर्जन आरोपियों पर प्रकरण दर्ज
सागर जिले के केसली वन परिक्षेत्र में वन विभाग की लगातार गश्त और सक्रिय कार्रवाई से वन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। चीलगढ़ डूंगरिया मार्ग पर दो मोटरसाइकिलों से सागौन का अवैध परिवहन करते दो आरोपियों को पकड़ा गया। अब तक पिकअप, मोटरसाइकिल, बैलगाड़ी और ट्रैक्टर सहित कई वाहन जब्त किए गए हैं। वन भूमि से 70 हेक्टेयर अतिक्रमण हटाने के साथ फर्नीचर मार्ट पर भी कार्रवाई की गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. योगेश विश्वकर्मा, सागर/केसली l सागर जिले के केसली वन परिक्षेत्र में वन विभाग की लगातार गश्त और सक्रिय कार्रवाई से वन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। वन संपदा की सुरक्षा के लिए रेंजर अभय दुबे के नेतृत्व में वन विभाग की टीम दिन-रात निगरानी और धरपकड़ अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत चीलगढ़ डूंगरिया से केसली मार्ग पर सागौन की अवैध तस्करी करते दो लोगों को मोटरसाइकिल समेत पकड़ा गया है। वन विभाग की लगातार कार्रवाई के चलते वन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार बीती रात करीब 2:30 बजे वन अमले ने चीलगढ़ डूंगरिया से केसली मार्ग पर दो अलग-अलग मोटरसाइकिलों से सागौन का अवैध परिवहन करते हुए सहजपुरी निवासी भूपेंद्र लोधी पिता राजेंद्र लोधी और देवराज लोधी पिता हीरालाल लोधी को पकड़ा। दोनों आरोपियों के खिलाफ वन विभाग द्वारा प्रकरण दर्ज किया गया है। कार्रवाई के दौरान सागौन की लकड़ी के साथ दोनों मोटरसाइकिलों को भी जब्त कर वन विभाग की अभिरक्षा में लिया गया है।
इसी तरह एक अन्य मामले में अवैध रूप से संग्रहित कर रखी गई दो नग सागौन की लकड़ी बरामद की गई। इस मामले में वीरेंद्र विश्वकर्मा नामक युवक के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया गया है। वन विभाग की टीम द्वारा लगातार गश्त कर वन संपदा के अवैध कटान, संग्रहण और परिवहन पर नजर रखी जा रही है।
वन विभाग के अनुसार रेंजर अभय दुबे और उनकी टीम द्वारा चलाए जा रहे अभियान के दौरान अब तक सागौन के अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 3 पिकअप वाहन, 3 मोटरसाइकिल और 3 बैलगाड़ियां जब्त की जा चुकी हैं। इसके अलावा वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए करीब 70 हेक्टेयर वन भूमि को भी अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। इस कार्रवाई के दौरान एक ट्रैक्टर भी जब्त किया गया था।
वन विभाग के अंतर्गत संचालित फर्नीचर मार्ट और अन्य प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान भी सागौन काष्ठ के अवैध संग्रहण के मामले सामने आए हैं। जांच में अनियमितता मिलने पर अब तक 4 लाइसेंसी दुकानों को सीज करने की कार्रवाई की गई है। वहीं एक अन्य दुकान को अवैध पाए जाने पर उसे बंद कराया गया है। वन विभाग द्वारा लकड़ी के स्रोत और दस्तावेजों की जांच के साथ ही अवैध कारोबार पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
वन विभाग की टीम के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में अलग-अलग मामलों में अब तक करीब तीन दर्जन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। लगातार हो रही धरपकड़ और जब्ती की कार्रवाई से वन माफियाओं में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। वन अमला वन संपदा की सुरक्षा के लिए लगातार चौकसी बरत रहा है और अवैध कटाई, परिवहन तथा संग्रहण के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
वन विभाग की सक्रियता से केसली वन परिक्षेत्र में वन संपदा के संरक्षण को लेकर अभियान तेज हुआ है। विभाग का कहना है कि वन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गश्ती दलों की निगरानी बढ़ाने के साथ संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। लगातार हो रही कार्रवाई से वन संपदा की सुरक्षा मजबूत होने की उम्मीद है और वन माफियाओं पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है l