उत्कर्ष-2026 में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को मिला करियर और जीवन निर्माण का मार्गदर्शन
रतलाम के श्री योगीन्द्र सागर ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूट में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा तय करने के उद्देश्य से ओरिएंटेशन प्रोग्राम ‘उत्कर्ष-2026’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, करियर के अवसर, समय प्रबंधन, अनुशासन, सकारात्मक सोच और व्यक्तित्व विकास के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। संस्थान के पदाधिकारियों और अतिथियों ने विद्यार्थियों को बदलते करियर ट्रेंड्स के अनुरूप नए अवसर पहचानने और निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
UNITED NEWS OF ASIA. राजेश पुरोहित, रतलाम l योगीन्द्र सागर ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूट, रतलाम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा तय करने के उद्देश्य से ओरिएंटेशन प्रोग्राम ‘उत्कर्ष-2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के संस्थापक गोपाल प्रसाद शर्मा और विशेष अतिथि मुकेश गुप्ता, आईटी ऑफिसर, शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, जावरा ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया।
कार्यक्रम में बी.टेक, बी.बी.ए., एम.बी.ए., बी.एससी. माइक्रोबायोलॉजी, बी.एससी. सीड टेक्नोलॉजी और बी.ए. एल.एल.बी. ऑनर्स के नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
करियर और उच्च शिक्षा पर मार्गदर्शन
विशेष अतिथि मुकेश गुप्ता ने विद्यार्थियों को उनके विषयों की उपयोगिता, उच्च शिक्षा के विकल्पों, करियर के विभिन्न अवसरों और भविष्य की चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारण, समय का सही उपयोग, सकारात्मक सोच और निरंतर मेहनत सफलता के लिए बेहद जरूरी हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई, अनुशासन और अपने दायित्वों के प्रति जागरूक रहने की शपथ भी दिलाई। विद्यार्थियों से आगामी अकादमिक सत्र में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अध्ययन करने का आह्वान किया गया।
संस्थापक ने साझा किए अनुभव
संस्थान के संस्थापक गोपाल प्रसाद शर्मा ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कॉलेज जीवन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, मेहनत और सही दिशा में निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सहसंचालक वरदान शर्मा ने कहा कि कॉलेज जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व विकास, ज्ञान अर्जन और मजबूत करियर की नींव रखने का महत्वपूर्ण समय है। उन्होंने तकनीकी शिक्षा के साथ संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के विकास पर जोर दिया।
सहसंचालक उमेश शर्मा ने विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों, उपलब्ध सुविधाओं और रोजगार एवं करियर के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभागाध्यक्षों और प्राध्यापकों द्वारा विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है, जो पूरे अकादमिक वर्ष में उनके लिए उपयोगी रहेगी।
बदलते करियर ट्रेंड्स को पहचानने की सीख
संस्था के निदेशक डॉ. लोकेन्द्र विक्रम सिंह ने अपने शैक्षणिक एवं क्षेत्रीय अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने बदलते समय के अनुरूप नए अवसरों को पहचानने और उनका लाभ उठाने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने जेन-जी, जेन-अल्फा और मिलेनियल्स की विशेषताओं के साथ बदलते करियर ट्रेंड्स पर भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. अंशिता शर्मा, प्रो. मनीषा राठौर और प्रो. टीना हसले ने किया। कार्यक्रम के अंत में डीन एकेडमिक प्रो. गोविन्द झंवर ने अतिथियों, शिक्षकों, अनुशासन समिति और आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।