भूपेश बघेल का मोदी सरकार पर हमला, खनिज संशोधन कानून से छत्तीसगढ़ को राजस्व नुकसान का दावा

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र की मोदी सरकार पर छत्तीसगढ़ के आर्थिक और संघीय अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम 2026, जर्जर स्कूलों, प्रधानमंत्री आवास के आंकड़ों और वंदे मातरम विवाद को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को बिना टेलीप्रॉम्प्टर के पूरा वंदे मातरम गाने की चुनौती भी दी।

Aug 23, 2026 - 12:27
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भूपेश बघेल का मोदी सरकार पर हमला, खनिज संशोधन कानून से छत्तीसगढ़ को राजस्व नुकसान का दावा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 22 अगस्त को पत्रकारों से चर्चा करते हुए केंद्र और छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन अधिनियम 2026 को छत्तीसगढ़ के हितों के खिलाफ बताते हुए दावा किया कि इससे राज्य को भारी राजस्व नुकसान हो सकता है।

भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि संसद में बिना पर्याप्त चर्चा के महत्वपूर्ण खनिज संशोधन कानून पारित किया गया। उनके मुताबिक, नए प्रावधानों से राज्यों के वित्तीय अधिकार सीमित होंगे और खनिज संपदा से मिलने वाले राजस्व पर राज्यों की भूमिका प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोयला, आयरन ओर, बॉक्साइट, टिन और जिंक जैसे खनिज बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं, इसलिए इस कानून का राज्य की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ सकता है। बघेल ने राज्य सरकार से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।

जर्जर स्कूलों को लेकर सरकार पर निशाना

भूपेश बघेल ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्कूल भवनों की खराब स्थिति को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि धमतरी, धमधा, रायगढ़, मोहला-मानपुर, बलौदाबाजार, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ समेत कई क्षेत्रों में बच्चे स्कूलों की मरम्मत की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत स्कूलों के निर्माण और मरम्मत के लिए बड़ी राशि का प्रावधान किया गया था। बघेल का आरोप है कि सरकार बदलने के बाद योजना समाप्त कर दी गई और स्कूलों के रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में छतों से पानी टपकने और शौचालय व कक्षाओं की खराब स्थिति जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

प्रधानमंत्री आवास के आंकड़ों पर सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने दावा किया कि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 9 जून 2026 को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राज्य में 18.5 लाख प्रधानमंत्री आवास पूरे होने की जानकारी दी थी। वहीं रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की ओर से 11 अगस्त को लोकसभा में मिली जानकारी के आधार पर 9.81 लाख आवास पूर्ण होने की बात कही गई।

बघेल ने दोनों आंकड़ों में अंतर को लेकर सवाल उठाते हुए सरकार से स्पष्ट करने की मांग की कि सही आंकड़ा कौन सा है।

वंदे मातरम को लेकर भाजपा पर हमला

वंदे मातरम विवाद को लेकर भी भूपेश बघेल ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम के साथ संघर्ष किया था। बघेल ने 1937 में वंदे मातरम के शुरुआती दो पदों को लेकर लिए गए निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे लेकर अब नया विवाद खड़ा किया जा रहा है।

भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा कि वे बिना टेलीप्रॉम्प्टर के पूरा वंदे मातरम गाकर दिखाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है। कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पार्टी वंदे मातरम के ऐतिहासिक संदर्भ और उसके सम्मान को लेकर अपना पक्ष लगातार रखती रही है।