3 लाख से अधिक महिलाओं के रोजगार पर कांग्रेस का सवाल, वंदना राजपूत बोलीं- भाजपा सरकार ने महिला समूहों से छीना काम
छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार नहीं मिलने के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने आरोप लगाया कि सरकार के वादे के बावजूद प्रदेश की 3 लाख से अधिक महिलाएं रोजगार से वंचित हैं। उन्होंने रेडी टू ईट, गौठान, रीपा, मिलेट्स और वनोपज के वैल्यू एडिशन से जुड़े कार्य बंद होने का दावा करते हुए सरकार से महिला समूहों को दोबारा रोजगार देने की मांग की।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार नहीं मिलने के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और कथित बदनीयती के कारण प्रदेश की 3 लाख से अधिक महिलाएं रोजगार से वंचित हो गई हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान महिला समूहों को रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार बनने के बाद इस दिशा में अपेक्षित काम नहीं हुआ।
वंदना राजपूत ने कहा कि भाजपा ने चुनाव के दौरान पूरे प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट का काम देने का वादा किया था। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार बनने के बाद इस वादे को भुला दिया गया। महिलाओं और विपक्ष की ओर से लगातार मांग उठाए जाने के बाद सरकार ने करीब एक साल पहले छह जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में महिला समूहों को काम देने की घोषणा की थी।
कांग्रेस के मुताबिक, ढाई साल बीतने के बावजूद छह जिलों में भी योजना का व्यापक क्रियान्वयन नहीं हो सका है। वंदना राजपूत ने दावा किया कि रायगढ़ जिले के कुछ प्रोजेक्ट में केवल 10 महिला समूहों को काम मिला है, जबकि दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा ब्लॉक में भी कुछ समूहों को काम दिया गया है। उनका आरोप है कि बाकी महिला समूह अभी भी रोजगार का इंतजार कर रहे हैं।
वंदना राजपूत ने सवाल उठाया कि जब सरकार छह जिलों में ढाई साल के दौरान महिला समूहों को पर्याप्त काम नहीं दे सकी, तो पूरे प्रदेश में रोजगार देने का दावा कैसे पूरा होगा? उन्होंने इसे सरकार की कथित लापरवाही और बदनीयती से जोड़ते हुए महिला समूहों के रोजगार का मुद्दा उठाया।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि गौठान और रीपा जैसी योजनाओं के बंद होने से भी बड़ी संख्या में महिला स्व-सहायता समूहों की आजीविका प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में मिलेट्स और वनोपज के वैल्यू एडिशन से जुड़े कार्यों के बंद होने से हजारों समूहों से जुड़ी महिलाओं को रोजगार का नुकसान हुआ है।
वंदना राजपूत ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार हैं। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय का साधन मिलता है। ऐसे में समूहों को काम से जोड़ना केवल रोजगार का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने से भी जुड़ा हुआ है।
कांग्रेस ने भाजपा सरकार से महिला स्व-सहायता समूहों को किए गए चुनावी वादों को पूरा करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि रेडी टू ईट सहित मिलेट्स, वनोपज और अन्य स्थानीय उत्पादों से जुड़े कार्यों में महिला समूहों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि उन्हें स्थायी रोजगार मिल सके।
वंदना राजपूत ने कहा कि सरकार को महिला समूहों के हित में स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर प्रदेशभर की महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराना चाहिए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि रोजगार के इंतजार में बैठी महिलाओं को अब सरकार से ठोस निर्णय की उम्मीद है।