यूपी में बाढ़ का कहर: 19 जिले डूबे, 26 गांव बने टापू; 58 जिलों में बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों में बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। प्रदेश के 19 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि 92 गांवों की फसलें पानी में डूब गई हैं और 26 गांवों का संपर्क आसपास के इलाकों से टूट गया है। प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर समेत कई शहरों में बाढ़ का असर साफ दिखाई दे रहा है। प्रशासन नाव और मोटर बोट के जरिए राहत सामग्री पहुंचा रहा है। मौसम विभाग ने 58 जिलों में बारिश की संभावना जताई है और 25 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

Aug 23, 2026 - 08:49
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यूपी में बाढ़ का कहर: 19 जिले डूबे, 26 गांव बने टापू; 58 जिलों में बारिश का अलर्ट

UNITED NEWS OF ASIA. लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रदेश के 19 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। 92 गांवों की फसलें पानी में डूब चुकी हैं, जबकि 26 गांव पूरी तरह टापू में तब्दील हो गए हैं। इन गांवों का आसपास के क्षेत्रों से संपर्क टूट गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक नाव और मोटर बोट के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। साथ ही जरूरत के मुताबिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान भी जारी है।

प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर

प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। दारागंज घाट की सीढ़ियां पूरी तरह पानी में डूब गई हैं। बाढ़ के कारण अंतिम संस्कार के लिए लोगों को सड़कों का सहारा लेना पड़ रहा है। बड़े हनुमान मंदिर की सीढ़ियों तक भी गंगा का पानी पहुंच गया है। वहीं रिवर फ्रंट की सड़कों पर पानी बह रहा है, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।

वाराणसी के 84 घाट जलमग्न

वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर के सभी 84 घाट पानी में डूब चुके हैं। अस्सी घाट पर जहां पहले दुकानें और गतिविधियां दिखाई देती थीं, वहां अब नावें चल रही हैं। दशाश्वमेध घाट की प्रसिद्ध गंगा आरती भी अब छत पर कराई जा रही है। वहीं ‘सुबह-ए-बनारस’ का मंच भी गंगा के पानी में डूब गया है। वरुणा नदी का पानी अब रिहायशी इलाकों तक पहुंचने लगा है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।

कानपुर की बस्तियों में घुसा पानी

कानपुर में गंगा के साथ पांडू नदी भी उफान पर है। इसके चलते निचले इलाकों की कई बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया है। करीब 2 हजार लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। कई घरों में चार से छह फीट तक पानी भरने से लोगों का राशन, घरेलू सामान और अन्य जरूरी चीजें खराब हो गई हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

58 जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 58 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। इनमें छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 60 जिलों में बारिश दर्ज की गई। बहराइच में सबसे अधिक 79.4 मिलीमीटर और मेरठ में 67.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।

बारिश के कारण शामली और बरेली में कई सड़कें जलभराव के कारण तालाब जैसी दिखाई देने लगीं। बहराइच और मेरठ के मेडिकल कॉलेजों में भी बारिश का पानी भरने की जानकारी सामने आई है।

लखनऊ मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के कारण उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने 25 अगस्त तक प्रदेश में रुक-रुककर बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए है।