सरकारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर एक्टिव करने के निर्देश पर कांग्रेस का हमला, सुरेंद्र वर्मा बोले- ‘भाजपा का मीडिया विभाग और IT सेल फेल’

छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को सोशल मीडिया पर सक्रिय करने के निर्देश को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल भाजपा के राजनीतिक प्रचार के लिए करना चाहती है। उन्होंने कहा कि युवाओं की सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया से घबराकर अब कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है।

Aug 23, 2026 - 12:52
Aug 23, 2026 - 12:54
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सरकारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर एक्टिव करने के निर्देश पर कांग्रेस का हमला, सुरेंद्र वर्मा बोले- ‘भाजपा का मीडिया विभाग और IT सेल फेल’

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय करने के निर्देश को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए भाजपा सरकार पर सरकारी मशीनरी के कथित राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया है।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर जेन जी युवाओं और आम जनता की प्रतिक्रियाओं से भाजपा परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का मीडिया विभाग और आईटी सेल सोशल मीडिया पर अपने पक्ष में माहौल बनाने में असफल हो रहा है। अब सरकार के जरिए सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को दबाव में लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं की तरह काम कराने की कोशिश की जा रही है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सोशल मीडिया पर जनता लगातार सरकार से सवाल पूछ रही है और अपनी प्रतिक्रियाएं दे रही है। भाजपा के पास इन सवालों का जवाब नहीं है। यही वजह है कि अब सरकारी कर्मचारियों को सोशल मीडिया गतिविधियों में शामिल करने की व्यवस्था बनाई जा रही है।

सुरेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल भाजपा की संगठनात्मक छवि को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सचिवों और कलेक्टरों के लिए डेल्टा मार्किंग प्रणाली तय करना, विभागीय अधिकारियों की सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया गतिविधियों की निगरानी करना तथा इंस्टाग्राम समेत अन्य प्लेटफॉर्म पर स्कोरिंग की व्यवस्था करना गंभीर सवाल खड़े करता है।

कांग्रेस ने दावा किया कि यदि अधिकारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों को उनकी रैंकिंग, ट्रांसफर या प्रमोशन से जोड़ने की व्यवस्था की जाती है, तो इससे सरकारी कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बन सकता है। सुरेंद्र वर्मा ने इसे सरकारी कर्मचारियों के कथित भयादोहन से जोड़ते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी जनता को सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है। यदि उन्हें सोशल मीडिया पर सरकार की उपलब्धियों का प्रचार करने या सरकार के खिलाफ उठ रहे सवालों का जवाब देने के लिए बाध्य किया जाता है, तो इससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

सुरेंद्र वर्मा ने आगे आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों के लिए गूगल फॉर्म और ट्रैकिंग सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं लागू कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि इससे सरकारी कर्मचारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर निगरानी बढ़ेगी और उन पर राजनीतिक दबाव बनने की आशंका है।

उन्होंने भाजपा सरकार पर युवाओं के बीच अपनी कथित गिरती साख को बचाने के लिए सरकारी तंत्र का सहारा लेने का आरोप लगाया। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सरकार को सोशल मीडिया प्रचार पर ध्यान देने के बजाय जनता की समस्याओं, युवाओं के सवालों और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर काम करना चाहिए।

कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को किसी भी राजनीतिक दल के प्रचार-प्रसार से दूर रखा जाए तथा प्रशासनिक व्यवस्था को राजनीतिक गतिविधियों से अलग रखा जाए। सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि जनता के सवालों का जवाब सोशल मीडिया निगरानी से नहीं, बल्कि बेहतर शासन और जमीनी काम से दिया जाना चाहिए।