फर्जी ट्रांसफर आदेश को लेकर कांग्रेस का भाजपा सरकार पर हमला, धनंजय ठाकुर बोले- ‘क्या यही साय सरकार का सुशासन है?’
छत्तीसगढ़ में कथित फर्जी ट्रांसफर आदेश और पैसे के लेनदेन के आरोप को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि बलौदाबाजार में भाजपा के दो पदाधिकारियों पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी से 1 लाख रुपये लेकर कथित फर्जी ट्रांसफर आदेश देने का आरोप सामने आया है। कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच, पैसों के लेनदेन की पड़ताल और दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में कथित फर्जी ट्रांसफर आदेश और पैसे के लेनदेन के आरोप को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में ट्रांसफर को लेकर कथित तौर पर वसूली का खेल चल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भाजपा पदाधिकारी ही पैसे लेकर सरकारी अधिकारियों के कथित फर्जी हस्ताक्षर से आदेश जारी करेंगे, तो इसे सरकार का सुशासन कैसे कहा जा सकता है?
धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि बलौदाबाजार भाजपा जिला उपाध्यक्ष पुनिराम पटेल और जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी पर स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी से 1 लाख रुपये लेने और इसके बदले सीएमएचओ के कथित फर्जी हस्ताक्षर वाला ट्रांसफर आदेश देने का आरोप सामने आया है। कांग्रेस के मुताबिक, कर्मचारी जब नए स्थान पर ज्वाइनिंग के लिए पहुंचा, तब उसे ट्रांसफर आदेश के कथित फर्जी होने की जानकारी मिली।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यह मामला केवल एक कर्मचारी के साथ धोखाधड़ी का नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था और प्रशासनिक आदेशों की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में कथित तौर पर ट्रांसफर को कमाई का जरिया बनाया जा रहा है और सत्ता से जुड़े लोगों पर कर्मचारियों से पैसे लेने के आरोप सामने आ रहे हैं।
धनंजय सिंह ठाकुर ने दावा किया कि प्रधानमंत्री आवास, राशन कार्ड और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े मामलों में भी भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कथित वसूली की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि अब सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर के नाम पर पैसे लेने और कथित फर्जी आदेश जारी करने का आरोप सामने आया है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
उन्होंने पूर्व में भी ट्रांसफर के नाम पर कथित लेनदेन के आरोपों का हवाला देते हुए सरकार से सवाल किया कि क्या अब सरकारी ट्रांसफर भी पैसे लेकर किए जा रहे हैं? उन्होंने पूछा कि क्या पैसे देने वाले कर्मचारी को मनचाही जगह या पद मिल सकता है और क्या भाजपा नेताओं को सरकारी आदेश जारी करने का अधिकार दे दिया गया है?
कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच की मांग की है। धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कथित पैसे के लेनदेन की जांच होनी चाहिए और फर्जी ट्रांसफर आदेश जारी करने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि इस पूरे मामले में किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका अथवा संरक्षण था या नहीं।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस ने आरोपों के जरिए भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे कथित ‘ट्रांसफर उद्योग’ बताया और पूछा कि ‘पैसा दो, मनमुताबिक ट्रांसफर लो’ क्या यही सुशासन है?