UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। सालासर बालाजी मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर में सुबह से ही विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला शुरू हो गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल दुग्धाभिषेक के साथ हुई, जिसमें भक्तों ने भगवान हनुमान जी का दूध से अभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात सवामणि भोग अर्पित किया गया और संगीतमय हनुमान चालीसा पाठ तथा सुंदरकांड का आयोजन हुआ। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति का वातावरण बना रहा और श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते रहे।
संध्या समय विशेष आकर्षण के रूप में सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जिसे प्रेमप्रकाश दुबे ने अपने श्रीमुख से प्रस्तुत किया। उनके मधुर और प्रभावशाली पाठ ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और वातावरण पूरी तरह भक्ति में डूब गया। इसके साथ ही महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया।
मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश गोयल, कार्यक्रम प्रभारी ईश्वर प्रसाद अग्रवाल और प्रचार-प्रसार प्रभारी कर्तव्य अग्रवाल ने जानकारी दी कि हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर विशेष रूप से सीता रसोई का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 6 हजार श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की व्यवस्था की गई। रात्रि 8 बजे से प्रसादी वितरण प्रारंभ हुआ, जिसमें भक्तों ने श्रद्धा के साथ भाग लिया।
भगवान हनुमान जी को 551 किलोग्राम लड्डुओं का विशेष भोग अर्पित किया गया, जो इस आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण रहा। मंदिर परिसर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिसमें कोलकाता के कारीगरों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। साथ ही हनुमान जी के प्रिय फलों से पूरे हाल को सजाया गया, जिससे मंदिर का वातावरण और भी आकर्षक एवं भक्तिमय बन गया।
मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि आयोजन की सफलता के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया था, जिन्होंने आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए हजारों श्रद्धालुओं के लिए सुगम और व्यवस्थित दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित की।
इस आयोजन को सफल बनाने में जगदीश प्रसाद अग्रवाल, नवल अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, प्रमोद जैन, पवन अग्रवाल, किशन अग्रवाल, सतपाल जैन, योगी अग्रवाल, चिमन अग्रवाल, चेतन अग्रवाल, केसरी चंद्र अग्रवाल, मुरली अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, वैभव सिंघानिया, सत्यनारायण मित्तल, गिरिराज गर्ग, सोम अग्रवाल, अरुण अग्रवाल सहित अनेक सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
हनुमान जन्मोत्सव के इस भव्य आयोजन ने न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद प्रदान किया, बल्कि समाज में एकता, सहयोग और भक्ति की भावना को भी मजबूत किया।