भोरमदेव मंदिर पहुंचे राज्यपाल रमेन डेका, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की पूजा

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कबीरधाम जिले के ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की तथा भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना को पर्यटन और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण बताया।

May 18, 2026 - 15:55
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भोरमदेव मंदिर पहुंचे राज्यपाल रमेन डेका, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की पूजा

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कबीरधाम जिले के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ जलाभिषेक कर प्रदेश एवं जिलेवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। राज्यपाल के इस दौरे को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भोरमदेव मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान पंडरिया विधायक भावना बोहरा भी उपस्थित रहीं। उन्होंने भी मंदिर में पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण के बीच राज्यपाल ने मंदिर की स्थापत्य कला और प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की।

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि भोरमदेव मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि इस मंदिर की कला और वास्तुकला देशभर के पर्यटकों को आकर्षित करती है। वनांचल और प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से काफी संभावनाओं से भरा हुआ है।

उन्होंने भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा यह कॉरिडोर क्षेत्र के पर्यटन और समग्र विकास को नई दिशा देगा। कॉरिडोर के निर्माण से यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

राज्यपाल ने कहा कि पर्यटन विकास के जरिए स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे। उन्होंने बताया कि स्थानीय कला, संस्कृति और पारंपरिक उत्पादों को भी इससे नई पहचान मिलेगी। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और ग्रामीणों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पर्यटन विकास के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को सुरक्षित रखना भी जरूरी है। राज्यपाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास और विरासत संरक्षण दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ना है।

इस अवसर पर कलेक्टर गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने राज्यपाल को भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना और पर्यटन विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी दी।

भोरमदेव मंदिर को छत्तीसगढ़ का “खजुराहो” भी कहा जाता है। इसकी ऐतिहासिक महत्व और आकर्षक स्थापत्य कला देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। राज्यपाल के दौरे से क्षेत्र में पर्यटन विकास को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।