बलरामपुर में जमीन विवाद ने लिया खूनी रूप, आधी रात घर में घुसकर हमला, फर्जी रजिस्ट्री का खुलासा

बलरामपुर जिले के वाड्राफनगर के ग्राम महेवा में जमीन विवाद को लेकर आधी रात घर में घुसकर हमला करने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और साजिश के तहत जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Apr 29, 2026 - 10:30
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बलरामपुर में जमीन विवाद ने लिया खूनी रूप, आधी रात घर में घुसकर हमला, फर्जी रजिस्ट्री का खुलासा

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर। जमीन के लालच ने एक बार फिर रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। जिले के वाड्राफनगर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम महेवा में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

26 अप्रैल 2026 की रात करीब 10 बजे, जब गांव शांत था, तभी आरोप है कि सनी पटेल, आकाश पटेल और चंद्रावती पटेल (निवासी परसडीहा) ने एक घर में जबरन घुसकर हमला कर दिया। इस दौरान घर में मौजूद लोगों के साथ मारपीट की गई और जाते-जाते जान से मारने की धमकी भी दी गई।

घटना के पीछे महज विवाद नहीं, बल्कि एक बड़ी साजिश की आशंका जताई जा रही है। पीड़ित पक्ष की ओर से सूर्यवती पटेल और संजय पटेल (निवासी इजानी) ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि— परिवार के एक सदस्य को गुमराह कर फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार कराई गई।

उसी के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री आरोपियों के नाम करा ली गई।

जब इसका विरोध किया गया, तो योजनाबद्ध तरीके से घर में घुसकर हमला किया गया।

पीड़ितों का कहना है कि यह सिर्फ मारपीट नहीं, बल्कि जमीन हड़पने की सुनियोजित साजिश है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस के तहत वाड्राफनगर चौकी में आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि कानून को हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद इलाके में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका हो सकती है। सवाल उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह फर्जी रजिस्ट्री हुई और क्या इसमें विभागीय मिलीभगत भी शामिल है?

फिलहाल पुलिस जांच जारी है। अब नजर इस बात पर टिकी है कि क्या पीड़ितों को समय पर न्याय मिल पाएगा या जमीन के लालच की यह आग और बड़े खुलासे करेगी।