स्लोवाकिया पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री फिको से करेंगे अहम वार्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो देशों की यात्रा के दूसरे चरण में स्लोवाकिया पहुंचे हैं। ब्रातिस्लावा में उनका पारंपरिक रोटी और नमक से स्वागत किया गया। दौरे के दौरान वे राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे।
UNIED NEWS OF ASIA. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो देशों के विदेश दौरे के दूसरे चरण में स्लोवाकिया पहुंच गए हैं। ब्रातिस्लावा पहुंचने पर उनका पारंपरिक स्लोवाक रीति-रिवाजों के अनुसार रोटी और नमक भेंट कर स्वागत किया गया। यह परंपरा स्लोवाकिया में सम्मान, मित्रता और सद्भावना का प्रतीक मानी जाती है। प्रधानमंत्री का स्वागत स्लोवाकिया के विदेश एवं यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराज ब्लानार ने किया।
प्रधानमंत्री मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से होगी। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच होने वाली वार्ता में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने, व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा अप्रैल 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की स्लोवाकिया यात्रा के बाद दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत और स्लोवाकिया के बीच लगातार बढ़ते आर्थिक और तकनीकी सहयोग को इस दौरे से और गति मिलने की उम्मीद है।
ब्रातिस्लावा आगमन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया के प्रसिद्ध लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आनंद लिया। म्यावा क्षेत्र के चर्चित बाल लोक-नृत्य समूह ‘कोपानिसियारिक’ ने पारंपरिक प्रस्तुति देकर भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत किया। यह सांस्कृतिक कार्यक्रम दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और मित्रता का प्रतीक माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में कहा कि उनकी यह यात्रा भारत और स्लोवाकिया के बीच संबंधों को और मजबूत करने तथा सहयोग के नए अवसरों की तलाश करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच साझेदारी आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगी।
स्लोवाकिया यूरोप का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र माना जाता है। यहां हर वर्ष 10 लाख से अधिक यात्री वाहनों का उत्पादन होता है। वोक्सवैगन, किआ, जगुआर लैंड रोवर और वोल्वो जैसी वैश्विक ऑटोमोबाइल कंपनियों की उत्पादन इकाइयां यहां संचालित हैं। भारतीय कंपनियां भी आईटी सेवाओं, इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति लगातार बढ़ा रही हैं।
वर्तमान में स्लोवाकिया में 9,000 से अधिक भारतीय नागरिक निवास कर रहे हैं, जो मुख्य रूप से सूचना प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, विकास और तकनीकी सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में कार्यरत हैं। इस समुदाय ने दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
स्लोवाकिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के एवियान में आयोजित होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस दौरान कई वैश्विक नेताओं के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठकें भी प्रस्तावित हैं। विदेश नीति और वैश्विक साझेदारी के दृष्टिकोण से प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भूमिका को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।