2030 तक भारत में होंगे 100 करोड़ 5G यूजर, 6G तकनीक में वैश्विक नेतृत्व की तैयारी
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत में 2030 तक 5G उपयोगकर्ताओं की संख्या 100 करोड़ तक पहुंच सकती है। सरकार अब 6G तकनीक, टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. भारत तेजी से डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि देश में इस समय लगभग 50 करोड़ लोग 5G सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं और वर्ष 2030 तक यह संख्या बढ़कर 100 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल नई तकनीकों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उनके विकास और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
सिंधिया ने बताया कि सरकार का अगला बड़ा लक्ष्य 6G तकनीक के विकास में अग्रणी भूमिका निभाना है। इसके लिए भारत अंतरराष्ट्रीय टेलीकॉम मानक तय करने वाले संगठनों के साथ सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है, ताकि भविष्य की संचार तकनीक के विकास और वैश्विक मानकों के निर्धारण में देश की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि 6G तकनीक केवल तेज इंटरनेट तक सीमित नहीं होगी, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्ट डिवाइस, मशीन-टू-मशीन कम्युनिकेशन और उन्नत डिजिटल सिस्टम को एकीकृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और स्मार्ट शहरों जैसी कई सेवाओं में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
देश में टेलीकॉम उपकरणों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मध्य प्रदेश में पहला Telecom Manufacturing Zone स्थापित करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य भारत को वैश्विक टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करना और आयात पर निर्भरता कम करना है। सरकार मोबाइल और दूरसंचार उपकरणों के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ाने के लिए भी विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत के दूरसंचार क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन हुआ है। देश में मोबाइल कनेक्शनों की संख्या लगभग 133 करोड़ तक पहुंच चुकी है। वहीं, इंटरनेट डेटा की कीमतों में भारी कमी आई है। जो डेटा कभी 250 रुपये प्रति जीबी से अधिक में मिलता था, वह अब औसतन लगभग 8 रुपये प्रति जीबी की दर पर उपलब्ध है। इससे डिजिटल सेवाओं की पहुंच तेजी से बढ़ी है और इंटरनेट आम लोगों के लिए अधिक सुलभ हुआ है।
डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सरकार के Sanchar Saathi ऐप को अब तक लगभग 2.5 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है। यह ऐप चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने, फर्जी मोबाइल कनेक्शनों की पहचान करने और साइबर धोखाधड़ी से बचाव में उपयोगकर्ताओं की सहायता करता है।
सिंधिया ने यह भी कहा कि India Mobile Congress के 10 वर्ष पूरे होना भारतीय टेलीकॉम उद्योग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके अनुसार यह आयोजन अब वैश्विक स्तर पर टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल नवाचार से जुड़ी कंपनियों के लिए प्रमुख मंच बन चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत 5G विस्तार के साथ-साथ 6G तकनीक और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में भी विश्व के अग्रणी देशों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।