एंटी पेपर लीक बिल पर सोनम वांगचुक ने दी प्रतिक्रिया, शिक्षा सुधार को लेकर मोदी सरकार से की बड़ी अपील

लोकसभा से एंटी पेपर लीक बिल पारित होने के बाद शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने इसका स्वागत करते हुए परीक्षा प्रणाली में सुधार की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल परीक्षाओं तक सीमित न रहकर पूरे शिक्षा तंत्र में व्यापक सुधार करना चाहिए और छात्रों से जुड़े पूर्व आश्वासनों का भी पालन करना चाहिए।

Jul 30, 2026 - 16:08
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एंटी पेपर लीक बिल पर सोनम वांगचुक ने दी प्रतिक्रिया, शिक्षा सुधार को लेकर मोदी सरकार से की बड़ी अपील

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। मशहूर शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लोकसभा से एंटी पेपर लीक बिल पारित होने के बाद केंद्र सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है, लेकिन इसके साथ-साथ पूरे देश की शिक्षा व्यवस्था में भी व्यापक बदलाव किए जाने की आवश्यकता है।

लद्दाख लौटने के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में सोनम वांगचुक ने बताया कि वे दिल्ली से ट्रेन के जरिए श्रीनगर पहुंचे हैं। उन्होंने पहली बार वंदे भारत ट्रेन में यात्रा करने का अनुभव साझा करते हुए भारतीय रेलवे की सराहना की। उन्होंने कहा कि चिनाब ब्रिज को देखने की उनकी लंबे समय से इच्छा थी और यह यात्रा उनके लिए बेहद यादगार रही। उन्होंने भारतीय रेलवे की उपलब्धियों पर गर्व भी जताया।

वीडियो में वांगचुक ने एंटी पेपर लीक बिल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि संसद में परीक्षा सुधार को लेकर सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सुधार केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश की पूरी शिक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में भी व्यापक प्रयास किए जाएंगे।

सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार से एक और महत्वपूर्ण अपील करते हुए कहा कि पहले उनके साथ और बाद में सीजेपी नेताओं के साथ हुए लिखित आश्वासनों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई या एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने का आश्वासन दिया गया था और सरकार को उस वादे पर कायम रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य बेहतर शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करता है। इसलिए परीक्षा सुधार के साथ-साथ शिक्षा नीति, शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक सुधार लागू किए जाने चाहिए। वांगचुक ने विश्वास जताया कि यदि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए जाते हैं तो इसका सकारात्मक प्रभाव आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा और देश की प्रतिभाओं को बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

सोनम वांगचुक का यह बयान ऐसे समय आया है जब परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और शिक्षा सुधार को लेकर देशभर में व्यापक चर्चा चल रही है। उनके बयान को शिक्षा क्षेत्र में सुधार और छात्रों के हितों को लेकर एक महत्वपूर्ण सुझाव के रूप में देखा जा रहा है।