चिरमिरी पुलिस ने आत्मानंद विद्यालय में चलाया यातायात जागरूकता अभियान, नाबालिगों को वाहन नहीं चलाने की दी समझाइश
चिरमिरी पुलिस ने शासकीय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच यातायात जागरूकता अभियान चलाकर नाबालिगों को वाहन नहीं चलाने, हेलमेट पहनने और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया। पुलिस ने अभिभावकों से भी नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं देने की अपील की।
UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, कोरिया l जिला एमसीबी में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से थाना चिरमिरी पुलिस ने शासकीय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, चिरमिरी में विशेष यातायात जागरूकता अभियान आयोजित किया। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं नगर पुलिस अधीक्षक चिरमिरी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी नाबालिग द्वारा मोटर वाहन चलाना कानूनन प्रतिबंधित है। पुलिस अधिकारियों ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 199ए की जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पाया जाता है, तो वाहन मालिक या अभिभावक के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। इसके तहत 25 हजार रुपये तक का जुर्माना, तीन वर्ष तक का कारावास तथा वाहन का पंजीयन एक वर्ष तक निलंबित किया जा सकता है। साथ ही संबंधित नाबालिग को 25 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने में भी प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है।
विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी देते हुए बिना हेलमेट वाहन नहीं चलाने, तीन सवारी नहीं बैठाने, तेज गति और लापरवाही से वाहन नहीं चलाने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने की समझाइश दी गई। पुलिस ने बताया कि यातायात नियमों का पालन केवल स्वयं की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों के जीवन की रक्षा के लिए भी आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं वाहन नहीं चलाएं और अपने माता-पिता एवं अभिभावकों को भी नाबालिग बच्चों को वाहन उपलब्ध नहीं कराने के लिए प्रेरित करें। सभी विद्यार्थियों ने यातायात नियमों का पालन करने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का सामूहिक संकल्प लिया।
थाना चिरमिरी पुलिस ने आम नागरिकों और अभिभावकों से भी अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने के लिए न दें। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जनसहभागिता आवश्यक है। पुलिस द्वारा भविष्य में भी विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे जागरूकता अभियान निरंतर चलाए जाएंगे, ताकि युवाओं में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित हो सके।