BRICS New Delhi Declaration: आतंकवाद के खिलाफ दुनिया एकजुट, पहलगाम हमले की कड़ी निंदा; टेरर फंडिंग रोकने पर जोर

BRICS देशों ने नई दिल्ली घोषणा 2026 में आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा करते हुए इसे किसी धर्म, राष्ट्रीयता या सभ्यता से जोड़ने से इनकार किया। सदस्य देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा, टेरर फंडिंग और सीमा पार आतंकवाद पर कार्रवाई तथा अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक कन्वेंशन को जल्द अंतिम रूप देने पर जोर दिया।

Sep 13, 2026 - 10:00
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BRICS New Delhi Declaration: आतंकवाद के खिलाफ दुनिया एकजुट, पहलगाम हमले की कड़ी निंदा; टेरर फंडिंग रोकने पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त और स्पष्ट रुख दोहराया है। नई दिल्ली घोषणा 2026 में BRICS देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इसे किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। घोषणा में स्पष्ट किया गया कि आतंकवाद को किसी भी उद्देश्य, स्थान या उसे अंजाम देने वालों की पहचान के आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता। सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने और इसे रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया।

नई दिल्ली घोषणा में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की भी कड़ी निंदा की गई। उपलब्ध विवरण के अनुसार इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी। BRICS देशों ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। पहलगाम हमले का उल्लेख BRICS के सामूहिक घोषणापत्र में किया जाना भारत के लिए आतंकवाद के मुद्दे पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

घोषणा में सीमा पार आतंकवाद, आतंकवादी संगठनों की फंडिंग और आतंकियों को सुरक्षित पनाह मिलने जैसी चुनौतियों से निपटने पर भी जोर दिया गया। सदस्य देशों ने आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए प्रभावी अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता बताई। साथ ही संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई किए जाने की अपील की गई। BRICS देशों का जोर इस बात पर रहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए केवल बयान नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वित और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।

BRICS ने संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के तहत ‘Comprehensive Convention on International Terrorism’ यानी अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक कन्वेंशन को जल्द अंतिम रूप देने और उसे अपनाने की मांग भी दोहराई। लंबे समय से चर्चा में रहे इस प्रस्ताव का उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक व्यापक कानूनी ढांचा तैयार करना है। BRICS देशों ने आतंकवाद से जुड़े मामलों में वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के लिए इस दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।

नई दिल्ली घोषणा को BRICS शिखर सम्मेलन में सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदस्य देशों के सामने घोषणा को अपनाने का प्रस्ताव रखा। बैठक के दौरान किसी सदस्य देश की ओर से प्रस्ताव पर आपत्ति नहीं जताई गई और इसके बाद घोषणा को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। यह सहमति BRICS के भीतर विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर साझा रुख बनाने की प्रक्रिया को दर्शाती है।

आतंकवाद के अलावा घोषणा में युद्ध और अंतरराष्ट्रीय टकराव से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता जताई गई। सदस्य देशों ने विवादों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। वैश्विक मुद्दों पर विभिन्न देशों के दृष्टिकोण और राष्ट्रीय हितों का सम्मान करने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई।

BRICS घोषणा में व्यापार से जुड़े मुद्दों को भी शामिल किया गया। सदस्य देशों ने एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों पर चिंता जताई और कहा कि ऐसे कदम बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था तथा विश्व व्यापार संगठन के नियमों के अनुरूप होने चाहिए। इस तरह नई दिल्ली घोषणा में आतंकवाद के खिलाफ सहयोग के साथ वैश्विक शांति, सुरक्षा और निष्पक्ष बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।