निको माइंस के ट्रकों से परेशान किसान और ग्रामीण, बस्ती में पार्किंग बंद करने की चेतावनी
छोटेडोंगर पंचायत के प्लाटपारा, मुंडाटिकरा और टारभाटा के ग्रामीणों ने निको माइंस के भारी वाहनों से हो रही परेशानियों को लेकर जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी के सामने समस्याएं रखीं। ग्रामीणों ने बस्ती में ट्रकों की पार्किंग बंद करने, कंपनी की ओर से व्यवस्थित पार्किंग और शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने तथा खेती को हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर l ग्राम पंचायत छोटेडोंगर के प्लाटपारा, मुंडाटिकरा और टारभाटा के किसानों एवं ग्रामीणों ने निको माइंस कंपनी के भारी वाहनों की आवाजाही से हो रही परेशानियों को लेकर जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी के सामने अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों का कहना है कि माइंस के ट्रकों की लगातार आवाजाही से गांव की सड़कों, खेती-किसानी और आम जनजीवन पर असर पड़ रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण कई जगह गंदगी की समस्या भी सामने आ रही है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार निको माइंस कंपनी लंबे समय से क्षेत्र में भारी वाहनों का संचालन कर रही है, लेकिन ट्रकों के लिए अब तक व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पार्किंग की सुविधा नहीं होने के कारण माइंस के वाहन बस्ती और गांव के आसपास खड़े किए जा रहे हैं। इससे आवागमन प्रभावित होने के साथ ग्रामीणों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि अब बस्ती के भीतर माइंस के ट्रकों को खड़ा नहीं होने दिया जाएगा और कंपनी को अपने वाहनों के लिए अलग से व्यवस्थित पार्किंग स्थल तैयार करना होगा।
ग्रामीणों ने ट्रक चालकों के लिए मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि क्षेत्र में भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के बावजूद वाहन चालकों के लिए पर्याप्त शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इससे खुले में शौच की स्थिति बनती है और आसपास गंदगी फैलने की शिकायत सामने आ रही है। ग्रामीणों ने कंपनी से तत्काल शौचालय, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि गांव के लोगों को इससे होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।
किसानों ने खेती-किसानी से जुड़े नुकसान का मुद्दा भी जिला पंचायत सदस्य के सामने रखा। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही के कारण कुछ स्थानों पर खेतों तक पहुंचने वाले रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। यदि माइंस गतिविधियों या भारी वाहनों के संचालन से किसी किसान की कृषि भूमि अथवा फसल को नुकसान पहुंचता है, तो प्रभावित किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र का विकास जरूरी है, लेकिन विकास के नाम पर किसानों की आजीविका और खेती को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना है और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि निको माइंस कंपनी को बस्ती में वाहनों की पार्किंग करने के बजाय स्वयं व्यवस्थित पार्किंग स्थल की व्यवस्था करनी चाहिए। इसके साथ ही वाहन चालकों के लिए शौचालय और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
राकेश उसेंडी ने कहा कि यदि माइंस गतिविधियों और भारी वाहनों के कारण किसानों की जमीन या फसल को नुकसान पहुंच रहा है तो प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की दिशा में कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कंपनी की व्यवस्थाओं की जांच करने की मांग की। उन्होंने कहा कि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने भी दो टूक कहा कि बस्ती में ट्रकों की पार्किंग स्वीकार नहीं की जाएगी और कंपनी को पार्किंग के साथ आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।