किसानों की खुशहाली के लिए राजा खड़ग राज कुमार सिंह ने सुतियापाट में की पूजा-अर्चना

सहसपुर लोहारा क्षेत्र में अल्प वर्षा और फसलों में बीमारी को लेकर किसान चिंतित हैं। ग्रामीणों की मान्यता के अनुसार सुतियापाट देवस्थल में सामूहिक पूजा-अर्चना से अच्छी वर्षा होती है। किसानों के आमंत्रण पर राजा खड़ग राज कुमार सिंह ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ सुतियापाट पहुंचकर विधि-विधान से पूजा की और अच्छी बारिश, बेहतर फसल तथा क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।

Sep 13, 2026 - 07:46
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किसानों की खुशहाली के लिए राजा खड़ग राज कुमार सिंह ने सुतियापाट में की पूजा-अर्चना

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l सहसपुर लोहारा क्षेत्र के वनांचल में अल्प वर्षा और फसलों में लग रही विभिन्न बीमारियों को लेकर किसान चिंतित हैं। क्षेत्र की मुख्य फसल धान पर भी कम बारिश का असर दिखाई देने की बात ग्रामीणों ने कही है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने से धान के पौधों की वृद्धि प्रभावित होने के साथ फसल में कई प्रकार की बीमारी लगने की समस्या सामने आ रही है। ऐसे समय में किसानों ने क्षेत्र में अच्छी बारिश और फसल की खुशहाली की कामना को लेकर सुतियापाट देवस्थल में सामूहिक पूजा-अर्चना करने का निर्णय लिया।

ग्रामीणों की पारंपरिक मान्यता है कि सुतियापाट देवस्थल में सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना करने से अच्छी वर्षा होती है। इसी आस्था और परंपरा के तहत ग्रामीणों ने इस वर्ष भी सुतियापाट में पूजा का आयोजन करने की तैयारी की। इसके लिए राजपरिवार सहसपुर लोहारा के राजा खड़ग राज कुमार सिंह को आमंत्रित किया गया। ग्रामीणों के निमंत्रण पर वे ग्राम कटंगी पहुंचे और ग्रामीणों से मुलाकात की।

ग्राम कटंगी में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए राजा खड़ग राज कुमार सिंह ने कहा कि ग्रामीणों का परिवार उनके परिवार का हिस्सा है और ग्रामीणों की परेशानी को वे अपनी परेशानी मानते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सुख के समय भले उन्हें याद न करें, लेकिन दुख और कठिनाई के समय जरूर याद करें। उन्होंने ग्रामीणों के निर्णय का सम्मान करते हुए उनके साथ सुतियापाट पहुंचकर पूजा-अर्चना करने और क्षेत्र की मंगलकामना करने की बात कही।

राजा खड़ग राज कुमार सिंह ने ग्रामीणों से ग्राम देवताओं की परंपरा को भी बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि बदलते समय में लोग अपने ग्राम देवताओं और पारंपरिक मान्यताओं को भूलते जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से ग्राम देवताओं का सम्मान करते हुए पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना करने की बात कही, ताकि गांव में आपसी एकता और सामाजिक जुड़ाव बना रहे।

राजा के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। ग्रामीणों ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में राजपरिवार हमेशा उनके साथ खड़ा रहा है और उनका मार्गदर्शन करता रहा है। किसानों ने राजा खड़ग राज कुमार सिंह के आमंत्रण स्वीकार कर गांव पहुंचने और उनके साथ पूजा में शामिल होने को अपने लिए आत्मीयता और सहयोग का प्रतीक बताया।

इसके बाद राजा खड़ग राज कुमार सिंह के साथ सैकड़ों ग्रामीण सुतियापाट देवस्थल पहुंचे। यहां पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान क्षेत्रवासियों की खुशहाली, अच्छी वर्षा और बेहतर फसल की कामना की गई। ग्रामीणों ने प्रार्थना की कि क्षेत्र को प्राकृतिक विपदाओं और अन्य परेशानियों से राहत मिले तथा किसान अच्छी फसल के साथ आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें।

पूजा-अर्चना के बाद राजा खड़ग राज कुमार सिंह ग्रामीणों के बीच सहजता से जमीन पर बैठकर उनका हालचाल जानते नजर आए। उन्होंने ग्रामीणों से उनकी समस्याओं और परिस्थितियों के बारे में बातचीत की। उनके इस सहज और आत्मीय व्यवहार से ग्रामीणों में उनके प्रति सम्मान और बढ़ा। किसानों ने कहा कि कठिन समय में साथ खड़े होने और उनकी भावनाओं को समझने से उनका मनोबल मजबूत होता है।

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश होगी और धान सहित अन्य फसलों को अनुकूल मौसम मिलेगा। सुतियापाट में आयोजित यह सामूहिक पूजा ग्रामीणों की आस्था, परंपरा और सामुदायिक एकजुटता का उदाहरण रही, जिसमें क्षेत्र की समृद्धि और किसानों की खुशहाली के लिए सामूहिक रूप से प्रार्थना की गई।