कवर्धा–सरोधा–भोरमदेव मार्ग का खड़्गराज कुमार सिंह ने किया दौरा, कलेक्टर से निर्माण और चौड़ीकरण की मांग

कवर्धा–सरोधा–भोरमदेव मार्ग की जर्जर और संकरी स्थिति को लेकर खड़्गराज कुमार सिंह ने क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर सड़क का तकनीकी सर्वेक्षण कराने, निर्माण एवं चौड़ीकरण की कार्ययोजना तैयार करने और आवश्यक बजट व प्रशासकीय स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। उन्होंने मार्ग को ग्रामीणों, विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और भोरमदेव पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण बताया।

Sep 13, 2026 - 07:55
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कवर्धा–सरोधा–भोरमदेव मार्ग का खड़्गराज कुमार सिंह ने किया दौरा, कलेक्टर से निर्माण और चौड़ीकरण की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कवर्धा से सरोधा होते हुए भोरमदेव जाने वाले महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर खड़्गराज कुमार सिंह ने सड़क का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। मार्ग के निरीक्षण के बाद उन्होंने आम नागरिकों को हो रही परेशानियों को देखते हुए जिला कलेक्टर कबीरधाम को पत्र लिखकर सड़क के शीघ्र निर्माण और चौड़ीकरण की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग बना हुआ है, लेकिन इसकी वर्तमान स्थिति यातायात और आवागमन के लिहाज से चिंता का विषय है।

खड़्गराज कुमार सिंह ने कलेक्टर को दिए पत्र में उल्लेख किया कि कवर्धा–सरोधा–भोरमदेव मार्ग के निर्माण और चौड़ीकरण की मांग क्षेत्रवासियों द्वारा पिछले करीब 10 वर्षों से लगातार की जा रही है। इसके बावजूद अब तक इस दिशा में अपेक्षित और प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र की आवश्यकता और भविष्य में बढ़ने वाले यातायात को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग के विकास को प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने बताया कि यह सड़क आसपास के दस से अधिक गांवों के ग्रामीणों के साथ विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और पर्यटकों के आवागमन का प्रमुख माध्यम है। कवर्धा शहर के वरिष्ठ नागरिक भी सुबह और शाम इस मार्ग पर पैदल भ्रमण करते हैं। इसके अलावा पुलिस और अन्य सेवाओं में भर्ती की तैयारी करने वाले युवा दौड़ और शारीरिक अभ्यास के लिए भी इस मार्ग का नियमित रूप से उपयोग करते हैं। ऐसे में सड़क की स्थिति का सीधा असर विभिन्न वर्गों के लोगों की सुविधा और सुरक्षा पर पड़ रहा है।

मार्ग के निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सड़क जर्जर और काफी संकरी दिखाई देने की बात सामने आई। खड़्गराज कुमार सिंह के अनुसार आमने-सामने से वाहनों के आने पर आवागमन में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। समय के साथ इस मार्ग पर वाहनों की संख्या बढ़ने से यातायात का दबाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में वर्तमान सड़क की क्षमता भविष्य की जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं होने की संभावना है।

उन्होंने भोरमदेव अभ्यारण्य क्षेत्र में प्रस्तावित कॉरिडोर और पर्यटन सुविधाओं के विकास की ओर भी जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। उनका कहना है कि कॉरिडोर के विकास के बाद भोरमदेव क्षेत्र में पर्यटकों और वाहनों की संख्या बढ़ सकती है। इसके चलते कवर्धा से भोरमदेव तक बेहतर और सुरक्षित सड़क संपर्क की आवश्यकता और अधिक बढ़ जाएगी।

कलेक्टर को लिखे पत्र में खड़्गराज कुमार सिंह ने मार्ग का शीघ्र तकनीकी सर्वेक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने वर्तमान तथा भविष्य के यातायात को ध्यान में रखते हुए सड़क के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण की कार्ययोजना तैयार करने की बात कही। साथ ही आवश्यक बजट और प्रशासकीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव शासन तथा संबंधित विभाग को प्राथमिकता के आधार पर भेजने का आग्रह किया है।

उन्होंने सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को भी कार्ययोजना में शामिल करने की मांग की है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों और शारीरिक अभ्यास करने वाले युवाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित करने पर जोर दिया गया है।

खड़्गराज कुमार सिंह ने कहा कि यह केवल सड़क निर्माण का विषय नहीं है, बल्कि दस से अधिक गांवों के लोगों की रोजमर्रा की सुविधा, नागरिकों की सुरक्षा और भोरमदेव के भविष्य के पर्यटन विकास से जुड़ा मामला है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि भोरमदेव कॉरिडोर के पूर्ण विकास से पहले ही कवर्धा–सरोधा–भोरमदेव मार्ग के निर्माण और चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके तथा भविष्य में बढ़ने वाले पर्यटन और यातायात के लिए आधारभूत व्यवस्था समय रहते तैयार हो।