सीहोर में अवैध राशि मांगने के आरोपी पटवारी पर कार्रवाई, SDM ने किया निलंबित

सीहोर जिले के श्यामपुर तहसील क्षेत्र में ग्रामीणों से शासकीय कार्यों के बदले कथित तौर पर अवैध राशि मांगने की शिकायत के बाद पटवारी जितेंद्र कुमार शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। SDM तन्मय वर्मा ने कार्रवाई करते हुए उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय सीहोर ग्रामीण तय किया है। प्राथमिक जांच में मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है।

Sep 12, 2026 - 20:22
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सीहोर में अवैध राशि मांगने के आरोपी पटवारी पर कार्रवाई, SDM ने किया निलंबित

UNITED NEWS OF ASIA. सीहोर जिले में शासकीय कार्यों के बदले ग्रामीणों से कथित तौर पर अवैध राशि मांगने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। तहसील श्यामपुर के अंतर्गत ग्राम पथरिया में पदस्थ रहे और वर्तमान में सीलखेड़ा में कार्यरत पटवारी जितेंद्र कुमार शर्मा को शिकायत के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सीहोर एसडीएम तन्मय वर्मा ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम, 1966 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की है।

जानकारी के अनुसार ग्रामीणों की ओर से एसडीएम कार्यालय में लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में पटवारी पर बीपीएल कार्ड बनवाने, जमीन का पट्टा जारी कराने और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के निष्पादन के नाम पर अनुचित राशि मांगने के आरोप लगाए गए थे। शिकायत सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसील स्तर पर प्राथमिक जांच कराई गई।

तहसीलदार श्यामपुर की ओर से उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर प्राथमिक जांच की गई। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया पटवारी जितेंद्र कुमार शर्मा के खिलाफ मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3(1) के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन की बात सामने आने का उल्लेख किया गया है। इसके बाद प्रशासन ने उनके खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया प्रस्तावित की।

एसडीएम द्वारा जारी निलंबन आदेश के अनुसार पटवारी जितेंद्र कुमार शर्मा का निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय सीहोर ग्रामीण निर्धारित किया गया है। आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता रहेगी।

प्रशासन ने सीलखेड़ा हल्का क्रमांक 08 के कामकाज को प्रभावित होने से बचाने के लिए भी निर्देश जारी किए हैं। तहसीलदार श्यामपुर को कहा गया है कि उक्त हल्के का प्रभार तत्काल प्रभाव से किसी अन्य पटवारी को सौंपा जाए। साथ ही संबंधित शासकीय अभिलेखों और दस्तावेजों का विधिवत प्रभार हस्तांतरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राजस्व संबंधी कार्यों में किसी तरह की परेशानी न हो।

पटवारी के खिलाफ विभागीय स्तर पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से पृथक से विस्तृत आरोप पत्र यानी चार्जशीट जारी करने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इसके बाद विभागीय जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल निलंबन को प्राथमिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

मामले में ग्रामीणों की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई ने शासकीय सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर प्रशासन के रुख को भी सामने रखा है। राजस्व विभाग से जुड़े कार्यों में आम नागरिकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर जांच के जरिए वास्तविक स्थिति सामने लाने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

फिलहाल पटवारी जितेंद्र कुमार शर्मा निलंबित हैं और मामले की विभागीय जांच आगे बढ़ाई जानी है। विस्तृत जांच और चार्जशीट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आरोपों से जुड़े अंतिम तथ्य स्पष्ट होंगे। प्रशासन ने संबंधित हल्के का प्रभार दूसरे पटवारी को सौंपने की प्रक्रिया के साथ राजस्व अभिलेखों के हस्तांतरण को भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।