कृषि शिक्षक भर्ती की योग्यता को हाईकोर्ट में चुनौती, स्नातकोत्तर पात्रता की मांग; शासन से मांगा जवाब

छत्तीसगढ़ में लोक शिक्षण संचालनालय के अंतर्गत कृषि शिक्षक पदों की भर्ती में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका में एनसीटीई की 2014 की अधिसूचना का हवाला देते हुए 11वीं-12वीं कक्षा पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए स्नातकोत्तर योग्यता अनिवार्य किए जाने की मांग की गई है। राज्य शासन ने भर्ती के लिए स्नातक स्तर की योग्यता निर्धारित की है। हाईकोर्ट ने याचिका पर शासन से जवाब मांगा है।

Sep 12, 2026 - 20:31
Sep 12, 2026 - 20:31
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कृषि शिक्षक भर्ती की योग्यता को हाईकोर्ट में चुनौती, स्नातकोत्तर पात्रता की मांग; शासन से मांगा जवाब

UNITED NEWS OF ASIA. छत्तीसगढ़ में लोक शिक्षण संचालनालय के अंतर्गत होने वाली कृषि शिक्षक भर्ती की शैक्षणिक योग्यता को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने राज्य शासन की ओर से निर्धारित पात्रता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि 11वीं और 12वीं कक्षा में अध्यापन करने वाले शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी एनसीटीई की ओर से जारी नियमों के अनुरूप स्नातकोत्तर योग्यता निर्धारित की जानी चाहिए। याचिका में राज्य शासन द्वारा केवल स्नातक स्तर की पात्रता रखे जाने को नियमों के विपरीत बताया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य शासन से जवाब मांगा है।

याचिका में एनसीटीई की वर्ष 2014 में जारी अधिसूचना का हवाला दिया गया है। इसमें 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता को लेकर निर्धारित प्रावधानों का उल्लेख करते हुए याचिकाकर्ता ने कृषि शिक्षक पदों के लिए भी इसी आधार पर पात्रता तय करने की मांग की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में स्नातक योग्यता को आधार बनाना एनसीटीई के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। हालांकि इस संबंध में अंतिम स्थिति हाईकोर्ट में शासन के जवाब और आगे की सुनवाई के बाद स्पष्ट होगी।

राज्य शासन की ओर से जारी भर्ती विज्ञापन के अनुसार शिक्षक ई संवर्ग में 868 और टी संवर्ग में 786 पदों सहित कुल 1654 पदों पर भर्ती की जानी है। निर्धारित पात्रता के तहत अभ्यर्थियों के लिए स्नातक के साथ प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में द्विवर्षीय डिप्लोमा, अथवा 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक और बीएड जैसी निर्धारित शैक्षणिक योग्यताओं में से किसी एक का होना जरूरी बताया गया है। इसके अलावा कुछ श्रेणियों में उच्चतर माध्यमिक के बाद चार वर्षीय बीएएड, बीएससीएड या संबंधित पाठ्यक्रम तथा विशेष शिक्षा में बीएड जैसी योग्यता का भी प्रावधान है। सामान्य शिक्षक पदों के लिए टीईटी उत्तीर्ण होना भी आवश्यक रखा गया है।

भर्ती में ई संवर्ग के अंतर्गत रायपुर संभाग में 209, सरगुजा में 40, बिलासपुर में 270 और दुर्ग में 354 पद शामिल हैं। वहीं टी संवर्ग में सरगुजा संभाग में 265, बिलासपुर में 130, रायपुर में 56, दुर्ग में 50 और बस्तर में 285 पद बताए गए हैं। विषयवार पदों की बात करें तो ई संवर्ग में हिंदी के 109, संस्कृत के 150, अंग्रेजी के 319, गणित के 135, सामाजिक विज्ञान के 150 और कृषि के 5 पद हैं। टी संवर्ग में हिंदी के 141, संस्कृत के 150, अंग्रेजी के 185, गणित के 115, सामाजिक विज्ञान के 100 और कृषि के 95 पद शामिल हैं।

कृषि शिक्षक पदों को लेकर भर्ती प्रक्रिया में एक अलग प्रावधान भी रखा गया है। विज्ञापन के अनुसार कृषि विषय के शिक्षकों के लिए बीएड उत्तीर्ण होना अनिवार्य है, लेकिन टीईटी को अनिवार्य नहीं किया गया है। इसके पीछे यह आधार बताया गया है कि कृषि शिक्षक की पदस्थापना उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में की जाती है। वहीं सामान्य शिक्षक पदों के लिए टीईटी की अनिवार्यता बनी हुई है। अभ्यर्थी विज्ञापित पदों में से केवल किसी एक विषय के लिए आवेदन कर सकते हैं। अब कृषि शिक्षक पदों की योग्यता को लेकर दायर याचिका पर राज्य शासन का जवाब महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाईकोर्ट के आगामी आदेश से भर्ती प्रक्रिया और पात्रता को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।