PRSU में साइबर जागृति अभियान, डिप्टी CM विजय शर्मा ने 9 मॉड्यूल वाले ‘साइबर संकल्प’ का किया शुभारंभ

रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने 9 मॉड्यूल वाले वीडियो पाठ्यक्रम ‘साइबर संकल्प’ का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में 500 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सुरक्षा और ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करने की जानकारी दी गई।

Sep 12, 2026 - 20:08
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PRSU में साइबर जागृति अभियान, डिप्टी CM विजय शर्मा ने 9 मॉड्यूल वाले ‘साइबर संकल्प’ का किया शुभारंभ

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के सभागार में 12 सितंबर को साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के साथ रायपुर के विभिन्न महाविद्यालयों के 500 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के बदलते तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘साइबर संकल्प’ डिजिटल सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता पर आधारित वीडियो पाठ्यक्रम का शुभारंभ रहा। विजय शर्मा ने इस 9 मॉड्यूल वाले वीडियो कोर्स की शुरुआत की। प्रत्येक वीडियो की अवधि करीब 5 से 6 मिनट रखी गई है। इसका उद्देश्य नागरिकों को सरल भाषा में साइबर अपराधों के आधुनिक तरीकों, डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तवार्ता अमित कुमार, पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक तकनीकी सेवाएं प्रशांत अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रायपुर अमित तुकाराम कांबले, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला और कुलसचिव शैलेंद्र पटेल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने साइबर अपराधों से बचाव के लिए सतर्कता और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को जरूरी बताया।

विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान विजय शर्मा ने डिजिटल लेनदेन के बढ़ते दायरे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति के दौर में भारत में बड़े पैमाने पर ऑनलाइन लेनदेन हो रहा है और देश डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर बिना देरी किए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की अपील की। उन्होंने कहा कि साइबर जागरूकता का संदेश केवल शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे गांव-गांव तक पहुंचाने की जरूरत है।

उपमुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर जागरूकता के प्रसार में स्वैच्छिक रूप से सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्रालय और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर यानी I4C की पहल के तहत साइबर क्राइम वालंटियर से जुड़ने की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराध से प्रभावित लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। एक करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के मामले में पीड़ित डॉ. सेन ने बताया कि वह कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंस गए थे। उनके अनुसार, समय रहते पुलिस से संपर्क करने के कारण ठगी की गई राशि में से 60 लाख रुपये वापस प्राप्त हो सके। इस अनुभव के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर ठगी के मामलों में तत्काल शिकायत दर्ज कराने के महत्व की जानकारी मिली।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार ने साइबर अपराध के नए तरीकों से सावधान रहने और ऑनलाइन सुरक्षा मानकों का पालन करने की सलाह दी। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों का जागरूक होना आवश्यक है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त गौरव मंडल ने विभिन्न प्रकार के साइबर अपराध और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी।

कार्यक्रम के अंत में पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला ने मुख्य अतिथि, विश्वविद्यालय प्रशासन, पुलिस अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। साइबर जागृति अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना और विद्यार्थियों को साइबर जागरूकता के संदेश को समाज तक पहुंचाने के लिए प्रेरित करना रहा।