खदान के खुले गड्ढे में डूबने से 25 वर्षीय युवक की मौत, शव बरामद; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

पांढुरना जिले के सौसर क्षेत्र के लोधीखेड़ा अंतर्गत गोवारी-वढ़ोना में खदान के खुले गड्ढे में डूबने से 25 वर्षीय नानेश्वर बांगड़े की मौत हो गई। बताया गया कि युवक बैल धोने के लिए गड्ढे के पास गया था, जहां पैर फिसलने से वह पानी में गिर गया। SDERF और गोताखोरों की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव बरामद किया। घटना के बाद खुले खदान गड्ढों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

Sep 10, 2026 - 17:53
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खदान के खुले गड्ढे में डूबने से 25 वर्षीय युवक की मौत, शव बरामद; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. रिंटू खान, पांढुरना/सौसर l जिले के सौसर क्षेत्र में खदान के खुले गड्ढे में डूबने से 25 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है। हादसा लोधीखेड़ा थाना क्षेत्र के गोवारी-वढ़ोना में गुरुवार सुबह करीब 9 बजे हुआ। मृतक की पहचान नानेश्वर बांगड़े के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक बैल धोने के लिए खदान के खुले गड्ढे के पास गया था। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह पानी से भरे गड्ढे में जा गिरा। पानी में डूबने के कारण उसकी मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद लोधीखेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव एवं तलाश अभियान शुरू किया गया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए छिंदवाड़ा से गोताखोरों तथा एसडीईआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम के सदस्यों ने काफी प्रयास किया और खदान के पानी से शव को तलाशने का अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद शव बरामद कर लिया गया।

शव बरामद होने के बाद पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी की। इसके पश्चात शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल सौसर भेजा गया। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। हादसे के बाद मृतक के परिवार और क्षेत्र में शोक का माहौल है। घटना ने एक बार फिर खनन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार गोवारी-वढ़ोना क्षेत्र में मैगनीज खदानों के कई ऐसे गड्ढे हैं, जो खनन कार्य के बाद खुले पड़े हुए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों और वहां आने-जाने वालों के लिए खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि खुले गड्ढों के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय सरपंच ने आरोप लगाया है कि खनन के बाद कई गड्ढों को बंद या सुरक्षित नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी जमा हो जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। ऐसे स्थानों पर यदि चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग या अन्य सुरक्षा उपाय नहीं किए जाते हैं तो लोगों के लिए खतरा बना रहता है। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में मौजूद सभी खुले खदान गड्ढों का सर्वे कराने और उनकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जिन स्थानों पर खुले गड्ढे हैं, वहां आवश्यक चेतावनी संकेत और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जानी चाहिए। साथ ही नियमों के अनुसार खदान बंद करने या गड्ढों को सुरक्षित करने में लापरवाही बरतने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

हादसे के बाद ग्रामीणों में खदान क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों ने प्रशासन से भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की है। फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद मामले में आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।