मौसमी और संक्रामक बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, इन्फ्लुएंजा के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील

कबीरधाम जिले में मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों से बचाव और रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से इन्फ्लुएंजा के लक्षणों की समय पर पहचान कर चिकित्सकीय परामर्श लेने और संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां अपनाने की अपील की है।

Sep 11, 2026 - 19:24
 0  2
मौसमी और संक्रामक बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, इन्फ्लुएंजा के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l 11 सितंबर 2026। कबीरधाम जिले में मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों से बचाव और रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार सतर्कता बरत रहा है। नागरिकों को बीमारियों के प्रति जागरूक करने के लिए जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुर्रे ने जिलेवासियों से अपील की है कि इन्फ्लुएंजा के सामान्य लक्षणों को नजरअंदाज न करें। लक्षण दिखाई देने पर समय पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लेने से बीमारी की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

सीएमएचओ डॉ. डी.के. तुर्रे ने बताया कि इन्फ्लुएंजा होने पर व्यक्ति में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें बहुत अधिक थकान, भूख कम लगना, खांसी, गले में खराश, उल्टी, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, नाक बहना, बुखार, सिरदर्द और दस्त जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं। अलग-अलग व्यक्तियों में लक्षणों की तीव्रता अलग हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से शरीर में इस तरह के बदलाव दिखाई देने पर अपनी स्थिति को लेकर सतर्क रहने और आवश्यकतानुसार चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अधिकांश मामलों में पर्याप्त आराम, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन, संतुलित आहार और चिकित्सकीय सलाह से राहत मिल सकती है। बीमारी के दौरान शरीर को पर्याप्त आराम देना और पानी की कमी से बचना महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि लक्षणों को देखते हुए स्वयं उपचार करने के बजाय आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सक से उचित परामर्श लेना चाहिए, विशेषकर तब जब बीमारी के लक्षण लंबे समय तक बने रहें या उनकी तीव्रता अधिक हो।

संक्रमण के प्रसार को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से कुछ सामान्य सावधानियां अपनाने की अपील की है। खांसी या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना चाहिए। नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोने की आदत बनाए रखने की सलाह दी गई है। यदि कोई व्यक्ति बीमार है तो उसे पर्याप्त आराम करने और संक्रमण फैलने की संभावना को कम करने के लिए घर पर आराम करने की सलाह दी गई है। आसपास के लोगों की सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता और सावधानी बरतना भी जरूरी बताया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि इन्फ्लुएंजा के लक्षण 5-6 दिनों से अधिक समय तक बने रहें, लक्षण बहुत गंभीर हो जाएं या संबंधित व्यक्ति को पहले से कोई गंभीर बीमारी हो, तो बिना देरी किए नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। ऐसे मामलों में समय पर चिकित्सकीय जांच और उचित सलाह लेना आवश्यक हो सकता है।

सीएमएचओ ने कहा कि इन्फ्लुएंजा के लक्षणों की समय पर पहचान और उचित चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार से बीमारी की गंभीरता को कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें और आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में मौसमी और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए जनजागरूकता पर जोर दिया जा रहा है। नागरिकों से स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आवश्यक सावधानियों का पालन करने और बीमारी के लक्षण सामने आने पर समय पर चिकित्सा सुविधा लेने की अपील की गई है। समय पर पहचान, सावधानी और उचित चिकित्सकीय परामर्श के माध्यम से संक्रमण के प्रभाव को कम करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।