स्कूली बच्चों को अग्निशमन और आपातकालीन बचाव का प्रशिक्षण, 740 विद्यार्थियों ने सीखी सुरक्षा की बारीकियां

कबीरधाम जिले के स्वामी करपात्री जी हाई सेकेंडरी स्कूल और होली किंग्डम स्कूल तारो में अग्निशमन एवं आपातकालीन बचाव प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में दोनों स्कूलों के 740 विद्यार्थियों सहित शिक्षकों और स्टाफ ने आग से बचाव, अग्निशमन यंत्रों के उपयोग, सुरक्षित निकासी और आपातकालीन नंबरों की जानकारी प्राप्त की।

Sep 11, 2026 - 19:20
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स्कूली बच्चों को अग्निशमन और आपातकालीन बचाव का प्रशिक्षण, 740 विद्यार्थियों ने सीखी सुरक्षा की बारीकियां

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l 11 सितंबर 2026। कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देश पर कबीरधाम जिले के विभिन्न विद्यालयों में अग्निशमन एवं आपातकालीन बचाव को लेकर जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अग्निशमन रेस्क्यू टीम द्वारा स्वामी श्री करपात्री जी हाई सेकेंडरी स्कूल, कवर्धा और होली किंग्डम स्कूल, तारो में विद्यार्थियों, शिक्षकों, वाहन चालकों, परिचालकों, स्कूल स्टाफ एवं अन्य उपस्थित लोगों को आग से बचाव और आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी गई।

यह प्रशिक्षण महानिदेशक नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा एसडीआरएफ एवं जिला सेनानी और अग्निशमन अधिकारी दिनेश कुमार रावटे के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में स्वामी श्री करपात्री जी हाई सेकेंडरी स्कूल के 465 विद्यार्थी और होली किंग्डम स्कूल तारो के 275 विद्यार्थी शामिल हुए। इस तरह दोनों विद्यालयों के कुल 740 विद्यार्थियों ने अग्निशमन एवं आपातकालीन बचाव से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में शिक्षकों और स्कूल स्टाफ की भी सहभागिता रही।

प्रशिक्षण के दौरान अग्निशमन रेस्क्यू टीम ने आग के विभिन्न प्रकार, आग लगने के प्रमुख कारण और अलग-अलग प्रकार की आग को नियंत्रित करने की विधियों के बारे में विस्तार से बताया। विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभागियों को विभिन्न अग्निशमन यंत्रों की जानकारी देते हुए समझाया गया कि अलग-अलग प्रकार की आग में किस अग्निशमन उपकरण का उपयोग किया जाना चाहिए। उपकरणों के सही संचालन और उपयोग को समझाने के लिए मौके पर डेमो भी दिया गया, जिससे प्रतिभागियों को आपातकालीन परिस्थिति में आवश्यक सावधानियों की व्यावहारिक जानकारी मिल सके।

प्रशिक्षण में एबीसी, सीओटी, फोम, केमिकल, वाटर और सोडा-एसिड एक्सटिंग्विशर सहित विभिन्न अग्निशमन उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी गई। इसके अलावा हाइड्रेंट, होजरील, डिलीवरी होज बॉक्स, शॉर्ट ब्रांच, फायर अलार्म, पानी एवं रेत से भरी बाल्टी और स्मोक डिटेक्टर जैसे उपकरणों के बारे में भी बताया गया। टीम ने गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों और आग पर नियंत्रण के उपायों की जानकारी देते हुए डेमो के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया।

आपातकालीन स्थिति में यदि किसी कमरे के अंदर बच्चे या अन्य व्यक्ति फंस जाएं, तो उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के तरीकों की भी जानकारी दी गई। धुएं से बचाव, आग लगने पर घबराने के बजाय सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने और आसपास मौजूद लोगों को सतर्क करने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी समझाइश दी गई। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ को आग लगने की स्थिति में तत्काल और सुरक्षित प्रतिक्रिया के लिए जागरूक करना रहा।

अग्निशमन टीम ने आगजनी या किसी अन्य आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए टोल फ्री नंबर 101 और 112 के उपयोग की जानकारी भी दी। प्रतिभागियों को बताया गया कि आपातकालीन सूचना देते समय घटना का स्थान और जरूरी जानकारी स्पष्ट रूप से बताना महत्वपूर्ण है, ताकि राहत एवं बचाव दल को समय पर आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिल सके।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रभारी के.के. श्रीवास्तव, नायक शशि कपूर झारिया, महिला सैनिक सुरेखा भारती, सैनिक विकास तिवारी, गजेन्द्र धुर्वे, दीपक निषाद, चालक सुरेन्द्र धुर्वे और फायरमैन राजेश बघेल सहित अग्निशमन रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने प्रशिक्षण दिया। विभिन्न उपकरणों का प्रदर्शन करते हुए टीम ने विद्यार्थियों को प्राथमिक बचाव, सुरक्षित निकासी और अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग के प्रति जागरूक किया। जिला प्रशासन का यह प्रयास विद्यालयों में आपदा और अग्नि सुरक्षा को लेकर विद्यार्थियों एवं स्कूल स्टाफ की तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।