चीनी मीडिया ने पीएम मोदी की तारीफ की, 7 साल बाद शी जिनपिंग के भारत दौरे को बताया रिश्ते सुधारने का बड़ा मौका

7 साल बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे को लेकर चीनी मीडिया में सकारात्मक चर्चा सामने आई है। ग्लोबल टाइम्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल की सराहना करते हुए इस यात्रा को भारत-चीन संबंधों को स्थिर और बेहतर बनाने का अहम अवसर बताया है। रिपोर्ट में दोनों देशों के बीच व्यापार और सीमा वार्ता का भी उल्लेख किया गया है।

Sep 11, 2026 - 12:38
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चीनी मीडिया ने पीएम मोदी की तारीफ की, 7 साल बाद शी जिनपिंग के भारत दौरे को बताया रिश्ते सुधारने का बड़ा मौका

UNITED NEWS OF ASIA. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीब सात साल बाद भारत दौरे को लेकर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शी जिनपिंग के 12 सितंबर को दिल्ली पहुंचने की संभावना जताई गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उन्हें ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए भारत आने का निमंत्रण दिया गया था, जिसे चीनी राष्ट्रपति ने स्वीकार किया है। शी जिनपिंग के भारत दौरे को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजरें भारत और चीन के संबंधों पर टिकी हैं।

इस बीच चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की है। रिपोर्ट में भारतीय और चीनी विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि शी जिनपिंग की भारत यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने और स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर हो सकती है। रिपोर्ट में इस यात्रा को एक बड़े कूटनीतिक घटनाक्रम के तौर पर पेश किया गया है।

ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में शी जिनपिंग की यात्रा को दोनों देशों के संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की संभावित मुलाकात से द्विपक्षीय संबंधों में नई गति आ सकती है। लंबे समय से सीमा विवाद और अन्य मुद्दों के कारण भारत-चीन संबंधों में तनाव रहा है, ऐसे में नेताओं के बीच बातचीत को आगे की संभावनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रिपोर्ट में सिंघुआ यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ छ्यान फंग के हवाले से कहा गया है कि भारत इस मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर बनाने के अच्छे अवसर के रूप में देख रहा है। उन्होंने दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक की संभावना का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, यदि शीर्ष स्तर पर बातचीत होती है तो इससे दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक माहौल तैयार हो सकता है।

चीनी मीडिया की रिपोर्ट में अगस्त में हुई भारत-चीन सीमा वार्ता का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक 25वें दौर की सीमा वार्ता में आठ सूत्री सहमति बनी थी। इसे दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की दिशा में सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा गया। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा से जुड़े मुद्दों पर संवाद और आपसी सहमति की प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो इससे द्विपक्षीय संबंधों में स्थिरता लाने में मदद मिल सकती है।

ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में भारत की आर्थिक स्थिति और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी वृद्धि करीब 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं भारत और चीन के बीच कुल व्यापार करीब 151 अरब डॉलर तक पहुंचने का उल्लेख किया गया है। इस व्यापारिक संबंध के चलते चीन को भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बताया गया है।

शी जिनपिंग की प्रस्तावित भारत यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश सीमा और आर्थिक संबंधों से जुड़े मुद्दों पर संवाद बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और चीन के शीर्ष नेतृत्व के बीच संभावित बातचीत पर भी नजर रहेगी। यदि दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक होती है तो सीमा विवाद, व्यापार और आपसी संबंधों में स्थिरता जैसे मुद्दे चर्चा के प्रमुख विषय हो सकते हैं। इस दौरे को लेकर चीनी मीडिया की सकारात्मक टिप्पणी ने भी भारत-चीन संबंधों को लेकर नई कूटनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।