शराब दुकान में ओवररेटिंग पर बड़ी कार्रवाई, आबकारी उप निरीक्षक तुलेश्वरी देवांगन निलंबित

राजनांदगांव जिले की खुज्जी कंपोजिट मदिरा दुकान में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बेचने के मामले में आबकारी उप निरीक्षक तुलेश्वरी देवांगन को निलंबित कर दिया गया है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम की जांच में 23 पाव शराब की बिक्री में निर्धारित कीमत से 160 रुपये अधिक वसूले जाने का मामला सामने आया था।

Sep 11, 2026 - 12:03
 0  2
शराब दुकान में ओवररेटिंग पर बड़ी कार्रवाई, आबकारी उप निरीक्षक तुलेश्वरी देवांगन निलंबित

UNITED NEWS OF ASIA. राजनांदगांव जिले में शराब दुकान में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बेचने के मामले में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। कंपोजिट मदिरा दुकान खुज्जी में ओवररेटिंग पाए जाने के बाद आबकारी उप निरीक्षक तुलेश्वरी देवांगन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आबकारी आयुक्त ने इस संबंध में 9 सितंबर को निलंबन आदेश जारी किया। विभागीय जांच में दुकान पर निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूल किए जाने की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

जानकारी के अनुसार, 3 सितंबर को राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम ने राजनांदगांव जिले में संचालित कंपोजिट मदिरा दुकान खुज्जी में अचानक दबिश दी थी। टीम ने दुकान में शराब की बिक्री और निर्धारित दरों की जांच की। इस दौरान दुकान में कार्यरत विक्रयकर्ता होरी लाल देवांगन द्वारा देशी मदिरा के पाव निर्धारित कीमत से अधिक दर पर बेचे जाने का मामला सामने आया। जांच में छह नग पाव देशी मदिरा सुपर 36 की बिक्री में ओवररेटिंग पाई गई।

जांच के दौरान छह पाव देशी शराब की निर्धारित कीमत 480 रुपये थी, लेकिन इन्हें ग्राहकों को 500 रुपये में बेचा गया। इसके बाद टीम ने पुनः खरीद परीक्षण भी किया। इस परीक्षण में 17 नग पाव देशी मदिरा को निर्धारित 1360 रुपये की जगह 1500 रुपये में बेचा जाना पाया गया। इस तरह कुल 23 नग पाव शराब की बिक्री में निर्धारित दर से अधिक राशि वसूल की गई।

पूरे मामले में 23 नग पाव शराब की निर्धारित कुल कीमत 1840 रुपये थी, जबकि ग्राहकों से इसके लिए 2000 रुपये लिए गए। इस तरह कुल 160 रुपये की अतिरिक्त राशि वसूली गई। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम की जांच में ओवररेटिंग का मामला सामने आने के बाद संबंधित विक्रयकर्ता के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। विभाग ने मामले को गंभीर अनियमितता के तौर पर लिया है।

आबकारी विभाग के निलंबन आदेश में दुकान की प्रभारी और आबकारी उप निरीक्षक तुलेश्वरी देवांगन की जिम्मेदारी को लेकर भी टिप्पणी की गई है। आदेश के मुताबिक, उनके प्रभाव क्षेत्र में संचालित दुकान में इस तरह की अनियमितता का पाया जाना कर्तव्यों के प्रति लापरवाही, उदासीनता और नियंत्रण में शिथिलता का परिचायक माना गया है। विभागीय आदेश में इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 के प्रावधानों के प्रतिकूल और दंडनीय माना गया है।

इसी आधार पर आबकारी आयुक्त ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत तुलेश्वरी देवांगन को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है। निलंबन की कार्रवाई के बाद शराब दुकानों में निर्धारित दरों के पालन और बिक्री व्यवस्था पर विभागीय निगरानी को लेकर भी सवाल उठे हैं। आबकारी विभाग की ओर से इस तरह की अनियमितताओं पर कार्रवाई किए जाने से शराब बिक्री में तय दरों के अनुपालन को लेकर सख्ती का संकेत मिला है।