सीहोर में वाटर फिल्टर प्लांट से क्लोरीन गैस रिसाव, कई ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ी; सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

सीहोर जिले के लसूड़िया खास गांव में काहिरी बांध के पास स्थित वाटर फिल्टर प्लांट में क्लोरीन गैस रिसाव की घटना से हड़कंप मच गया। गैस के संपर्क में आने से कई ग्रामीणों को आंखों में जलन, घुटन और सांस लेने में परेशानी हुई। करीब 8 से 10 प्रभावित लोग जिला अस्पताल पहुंचे, जिनमें कुछ को भर्ती किया गया। घटना के बाद प्लांट की सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

Sep 11, 2026 - 11:03
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सीहोर में वाटर फिल्टर प्लांट से क्लोरीन गैस रिसाव, कई ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ी; सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. सीहोर जिले के ग्राम लसूड़िया खास में काहिरी बांध के पास स्थित वाटर फिल्टर प्लांट में क्लोरीन गैस रिसाव की घटना सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। रात के समय टैंक में लीकेज होने के कारण गैस आसपास के क्षेत्र में फैलने की बात सामने आई है। घटना के बाद स्थानीय निवासियों और वहां से गुजर रहे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रभावित लोगों ने आंखों में तेज जलन, घुटन, सांस लेने में तकलीफ और उल्टी-दस्त जैसी शिकायतें कीं। इसके बाद कई ग्रामीणों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने प्रभावित लोगों का इलाज शुरू किया। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हरिओम गुप्ता के अनुसार लसूड़िया खास क्षेत्र से करीब 8 से 10 मरीज आपातकालीन कक्ष में उपचार के लिए पहुंचे। इनमें प्रेमजी, अनमोल, रामसभा, केसर सिंह और प्रेम सिंह को देर रात अस्पताल में भर्ती किया गया। कुछ प्रभावित लोगों को प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि अन्य मरीजों का उपचार और निगरानी जारी रही। चिकित्सकों के मुताबिक भर्ती मरीजों में से एक की हालत अपेक्षाकृत अधिक गंभीर बनी हुई थी।

क्लोरीन गैस के रिसाव की घटना के बाद फिल्टर प्लांट और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्लांट के आसपास गैस के असर का प्रभाव दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ पेड़-पौधों पर भी इसका असर नजर आया। लोगों ने प्रशासन के उन दावों पर सवाल उठाए हैं, जिनमें स्थिति नियंत्रण में होने और लीकेज नहीं होने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि घटना की वास्तविक स्थिति की जांच कर लोगों को स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन, सुरक्षा मानकों और रखरखाव को लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि क्लोरीन जैसी गैस के इस्तेमाल वाले संयंत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही आसपास रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।

वहीं नगर पालिका सीहोर के सीएमओ सुधीर सिंह ने बताया कि ग्रासिम कंपनी नागदा की टेक्निकल टीम को मौके पर बुलाया गया था। टीम ने सुरक्षा के साथ प्लांट में मौजूद तीनों सिलेंडरों को ट्रक में लादकर वहां से हटा दिया है। प्रशासन की ओर से रिसाव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की बात कही गई है। सिलेंडरों को हटाए जाने के बाद इलाके में सुरक्षा स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

इस घटना ने जल शोधन संयंत्रों में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की सुरक्षित हैंडलिंग और नियमित रखरखाव की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू कर दी है। फिलहाल प्रभावित लोगों का स्वास्थ्य प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में है। ग्रामीणों की मांग है कि पूरे घटनाक्रम की जांच कर रिसाव के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।