दुर्ग में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म-हत्या मामले में आरोपी चाचा को फांसी की सजा

दुर्ग में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी सोमेश यादव को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। बच्ची 6 अप्रैल 2025 को कन्या भोज में शामिल होने गई थी, जिसके बाद वह लापता हो गई थी। करीब 17 महीने की सुनवाई के बाद 10 सितंबर को अदालत ने फैसला सुनाया। फांसी की सजा पर हाईकोर्ट की पुष्टि अभी बाकी है।

Sep 11, 2026 - 10:51
Sep 11, 2026 - 10:52
 0  2
दुर्ग में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म-हत्या मामले में आरोपी चाचा को फांसी की सजा

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l दुर्ग से बड़ी खबर सामने आई है, जहां 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी सोमेश यादव को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले के बाद मामले ने एक बार फिर गंभीर अपराधों में त्वरित और कठोर न्याय की आवश्यकता को लेकर चर्चा तेज कर दी है। आरोपी रिश्ते में बच्ची का चाचा बताया गया है और फिलहाल केंद्रीय जेल दुर्ग में बंद है।

मामला 6 अप्रैल 2025 का है। जानकारी के मुताबिक बच्ची कन्या भोज में शामिल होने के लिए गई थी, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। बच्ची के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे विशेष पॉक्सो अदालत में पेश किया गया, जहां लंबे समय तक सुनवाई चली।

करीब 17 महीने तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद विशेष पॉक्सो अदालत ने 10 सितंबर को मामले में अपना फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी सोमेश यादव को दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी मानते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई। अदालत के फैसले में पॉक्सो एक्ट की धारा 6(1) और भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 103(1) के तहत सजा का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना और 5 साल की सजा भी सुनाई गई है।

इस मामले में आरोपी बच्ची का चाचा होने के कारण घटना ने लोगों को झकझोर दिया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अपराध से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से मामले को गंभीर अपराध बताते हुए कठोरतम सजा की मांग की गई थी। अदालत के फैसले के बाद अब आरोपी को मिली मृत्युदंड की सजा को लेकर अगली कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी।

हालांकि अदालत द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाने के बावजूद इसे अंतिम रूप से लागू करने के लिए हाईकोर्ट की पुष्टि जरूरी होगी। ऐसे मामलों में निचली अदालत द्वारा दी गई मृत्युदंड की सजा हाईकोर्ट के समक्ष भेजी जाती है। इसलिए फिलहाल आरोपी केंद्रीय जेल दुर्ग में ही बंद रहेगा और आगे की न्यायिक प्रक्रिया हाईकोर्ट में चलेगी।

दुर्ग के इस मामले में अदालत के फैसले को गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त न्यायिक कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। बच्ची के परिवार के लिए यह फैसला लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव है। अब मामले में हाईकोर्ट की कार्रवाई और मृत्युदंड की पुष्टि पर सभी की नजर रहेगी। पुलिस जांच से लेकर अदालत की सुनवाई तक चली इस पूरी प्रक्रिया के बाद विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी के खिलाफ कठोर सजा का फैसला सुनाया है।