व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंचे: BRICS Summit में होंगे शामिल, आज पीएम मोदी से द्विपक्षीय बैठक; डिफेंस डील पर चर्चा की उम्मीद
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS Summit में शामिल होने के लिए 11 सितंबर 2026 की सुबह दिल्ली पहुंचे। पालम एयरपोर्ट पर भारतीय अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। पुतिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे, जिसमें रक्षा, ऊर्जा, परमाणु सहयोग और भारत-रूस व्यापार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
UNITED NEWS OF ASIA. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS Summit में शामिल होने के लिए भारत पहुंच गए हैं। 18वें BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पुतिन 11 सितंबर 2026 को तड़के करीब 3 बजे दिल्ली पहुंचे। उनका विमान पालम एयरपोर्ट पर उतरा, जहां विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह समेत भारतीय अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट पर रेड कार्पेट और गार्ड ऑफ ऑनर के बाद रूसी राष्ट्रपति का काफिला होटल के लिए रवाना हुआ। दिल्ली में पुतिन के ठहरने की व्यवस्था मौर्या शेरटन होटल में की गई है।
भारत पहुंचने के बाद पुतिन का यह पिछले नौ महीनों में दूसरा भारत दौरा बताया जा रहा है। इससे पहले वह 5 दिसंबर 2025 को भारत आए थे। फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस के बाहर आयोजित होने वाले किसी BRICS Summit में पुतिन की यह पहली व्यक्तिगत भागीदारी बताई जा रही है। उनके इस दौरे को भारत और रूस के बीच रणनीतिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। BRICS सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा का अवसर मिलेगा।
पुतिन के दिल्ली पहुंचने से पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी सुरक्षा को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली थीं। एयरपोर्ट से होटल और फिर BRICS Summit के आयोजन स्थल भारत मंडपम तक जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। पुतिन के ठहरने वाले होटल और उसके आसपास कई स्तरों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। रूस की सुरक्षा टीम भी पहले से दिल्ली पहुंच चुकी है और उसने होटल सहित आसपास के इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया है।
रूसी राष्ट्रपति BRICS Summit के अलावा BRICS Business Forum से जुड़े कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे। वह बिजनेस फोरम के प्लेनरी सत्र को संबोधित करेंगे। इस दौरान भारत और रूस के बीच कारोबार, निवेश और तकनीकी सहयोग बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की संभावना है। पुतिन अन्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों में भी शामिल हो सकते हैं।
दौरे का सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पुतिन की द्विपक्षीय बैठक माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच होने वाली इस बैठक में रक्षा सहयोग प्रमुख मुद्दों में शामिल हो सकता है। रूस की ओर से भारत को Su-57 फाइटर जेट की पेशकश और भारत में इसके उत्पादन से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ ही अपडेटेड ब्रह्मोस मिसाइल, रक्षा तकनीक और दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग से जुड़े विषय भी बातचीत का हिस्सा बन सकते हैं।
भारत और रूस के बीच ऊर्जा और परमाणु सहयोग भी बैठक के एजेंडे में महत्वपूर्ण मुद्दा हो सकता है। भारत में नए सिविल न्यूक्लियर रिएक्टर लगाने की योजना, ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की संभावना है। ऐसे में पुतिन का भारत दौरा BRICS Summit के साथ-साथ भारत-रूस संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।