दिल्ली में महिला सुरक्षा पर बड़ा फैसला, DTC बसों में महिला पुलिसकर्मी और हर जिले में महिला थाना बनाने की योजना

दिल्ली में महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उच्चस्तरीय बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। DTC की लेडीज स्पेशल बसों में महिला पुलिसकर्मी और होमगार्ड की तैनाती के साथ हर जिले में महिला थाना स्थापित करने की योजना पर चर्चा हुई। पैनिक बटन सिस्टम को PCR से जोड़ने और POCSO एक्ट के सख्त पालन के निर्देश भी दिए गए।

Jun 17, 2026 - 17:44
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दिल्ली में महिला सुरक्षा पर बड़ा फैसला, DTC बसों में महिला पुलिसकर्मी और हर जिले में महिला थाना बनाने की योजना

UNITED NEWS OF ASIA. दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए उपराज्यपाल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें परिवहन विभाग, दिल्ली पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में राजधानी में महिला सुरक्षा से जुड़े मौजूदा इंतजामों की समीक्षा की गई और उन्हें और प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि DTC की लेडीज स्पेशल बसों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही इन बसों में महिला होमगार्ड मार्शल भी तैनात किए जाएंगे ताकि महिलाओं को यात्रा के दौरान अधिक सुरक्षा और सहायता मिल सके। इन बसों का संचालन भी महिला स्टाफ द्वारा किए जाने की योजना है, जिससे महिला यात्रियों का भरोसा और बढ़ेगा।

इन बसों को उन रूटों पर चलाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहां महिलाओं की आवाजाही अधिक रहती है और जिन्हें सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। प्रशासन का मानना है कि इससे सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा दोनों में सुधार होगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि DTC बसों में लगाए गए पैनिक बटन सिस्टम को सीधे दिल्ली पुलिस के PCR नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत अलर्ट जारी होगा और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हर जिले में विशेष महिला थाने स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इन थानों में महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर और संवेदनशील तरीके से निपटाया जाएगा।

इसके साथ ही उपराज्यपाल ने POCSO एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी समीक्षा बैठक की। उन्होंने शिक्षा विभाग और पुलिस को निर्देश दिया कि सभी स्कूलों में इस कानून के पालन की स्थिति का व्यापक ऑडिट कराया जाए। जिन स्कूलों या संस्थानों में लापरवाही पाई जाएगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्कूलों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं, खासकर छुट्टी के समय। पुलिस बल की तैनाती बढ़ाने और निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया गया है ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि छेड़छाड़, उत्पीड़न या किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य एक सुरक्षित, संवेदनशील और भरोसेमंद व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें महिलाएं बिना डर के सार्वजनिक स्थानों और परिवहन सेवाओं का उपयोग कर सकें।