राघव चड्ढा ने संसद में Anti Paper Leak Bill का किया समर्थन, बोले- पेपर लीक पर चाहिए मजबूत कानून

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में पब्लिक एग्जामिनेशंस (संशोधन) बिल 2026 का समर्थन करते हुए कहा कि पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का समाधान केवल बयानबाजी से नहीं, बल्कि मजबूत संस्थागत कानून से संभव है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, छात्रों के अधिकार और स्थायी सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।

Jul 31, 2026 - 13:18
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राघव चड्ढा ने संसद में Anti Paper Leak Bill का किया समर्थन, बोले- पेपर लीक पर चाहिए मजबूत कानून

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में पब्लिक एग्जामिनेशंस (संशोधन) बिल 2026 पर चर्चा के दौरान पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या पर अपनी बात रखते हुए कहा कि इसका समाधान केवल राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, बल्कि मजबूत और प्रभावी कानून से संभव है। उन्होंने बिल का समर्थन करते हुए कहा कि यह देश का पहला व्यापक संस्थागत प्रयास है, जो परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाएगा।

अपने संबोधन में राघव चड्ढा ने कहा कि उनकी भूमिका अब बदल चुकी है और अब उनका दायित्व केवल सवाल उठाना नहीं, बल्कि समाधान प्रस्तुत करना भी है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत, सपनों और भविष्य पर सीधा प्रहार करती हैं।

उन्होंने कहा, "जिस तरह कैंसर का इलाज केवल क्रोसिन से नहीं हो सकता, उसी तरह पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का समाधान केवल साउंडबाइट्स या बयानबाजी से नहीं होगा। इसके लिए मजबूत संस्थागत व्यवस्था और प्रभावी कानून की जरूरत थी, जिसे यह संशोधन बिल उपलब्ध कराता है।"

राघव चड्ढा ने कहा कि देशभर के लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में दिन-रात मेहनत करते हैं। कई छात्र प्रतिदिन 18 घंटे तक अध्ययन करते हैं, लेकिन यदि परीक्षा का प्रश्नपत्र कुछ मिनटों में सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लीक हो जाए, तो उनकी पूरी मेहनत व्यर्थ हो जाती है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा को प्रभावित नहीं करता, बल्कि छात्रों के आत्मविश्वास, मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर भरोसे को भी कमजोर करता है।

उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय राष्ट्रीय समस्या के रूप में देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार यह नहीं देखा जाना चाहिए कि घटना किस राज्य में हुई या उस समय किस दल की सरकार थी। सभी राजनीतिक दलों को मिलकर परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए कार्य करना चाहिए।

राज्यसभा सांसद ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों को अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने, न्यायालय जाने और अपनी बात रखने का पूरा संवैधानिक अधिकार है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक मंच नहीं बनने देना चाहिए। छात्रों की लड़ाई परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता के लिए है, इसलिए उनकी आवाज छात्रों की ही रहनी चाहिए।

राघव चड्ढा ने विश्वास जताया कि पब्लिक एग्जामिनेशंस (संशोधन) बिल 2026 परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा तथा इससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।