पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि करीब छह वर्ष पहले उसकी मुलाकात एक युवक से हुई, जिसने अपना नाम सोनू बताया था। दोनों के बीच परिचय बढ़ने के बाद विवाह हुआ और वह लगभग एक वर्ष तक युवक के पंडरी स्थित घर में उसके परिवार के साथ रही। इस दौरान उसने एक पुत्र को जन्म दिया।
युवती का आरोप है कि बाद में उसे पता चला कि युवक का वास्तविक नाम सुफरान शेख है। इसी बीच युवक हत्या के प्रयास के एक मामले में जेल चला गया और एक वर्ष से अधिक समय तक जेल में रहा। शिकायत के अनुसार, जेल से लौटने के बाद युवक ने उसे उसके बेटे से मिलने नहीं दिया, जिसके बाद वह न्याय की मांग लेकर पंडरी थाना पहुंची।
दूसरी ओर, युवक के परिजनों ने युवती के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि परिवार ने युवती को पूरी तरह स्वीकार किया था और उसे अपने साथ रखा। उनका यह भी दावा है कि युवक के जेल जाने के बाद युवती ने स्वयं आधार केंद्र जाकर अपना नाम बदलवाया था। परिजनों के अनुसार, पूरे मामले को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है।
मामले की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पंडरी थाना पहुंचे। उन्होंने युवती की शिकायत के आधार पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि शिकायत सही पाई जाती है तो दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
पंडरी थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और उपलब्ध दस्तावेजों व अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच पूरी होने का इंतजार करें।