सज्जन कुमार को हीरो बताने वाले बयानों पर सिख परिवारों का प्रदर्शन, राहुल गांधी के आवास के बाहर फूंका पुतला

1984 के सिख विरोधी दंगों से प्रभावित परिवारों और सिख नेताओं ने दिल्ली में राहुल गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेताओं द्वारा पूर्व सांसद सज्जन कुमार को लेकर दिए गए सम्मानजनक बयानों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से स्पष्टीकरण और सार्वजनिक माफी की मांग की।

Aug 22, 2026 - 18:23
 0  3
सज्जन कुमार को हीरो बताने वाले बयानों पर सिख परिवारों का प्रदर्शन, राहुल गांधी के आवास के बाहर फूंका पुतला

UNITED NEWS OF ASIA. 1984 के सिख विरोधी दंगों से प्रभावित परिवारों और सिख नेताओं ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दिल्ली स्थित आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को लेकर दिए गए बयानों पर कड़ी नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी की गई और पुतला भी फूंका गया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व से सज्जन कुमार को लेकर दिए गए बयानों पर स्थिति स्पष्ट करने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

प्रदर्शनकारी दिल्ली के 5, सुनहरी बाग रोड स्थित राहुल गांधी के आवास के बाहर एकत्र हुए थे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी और भारी बैरिकेडिंग की गई थी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 1984 के दंगों से जुड़े मामलों में सज्जन कुमार को लेकर कांग्रेस नेताओं की ओर से दिए गए बयान पीड़ित परिवारों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले हैं।

सिख समुदाय की नाराजगी कांग्रेस नेताओं दीपेंद्र सिंह हुड्डा और उदित राज के बयानों के बाद सामने आई। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सज्जन कुमार के निधन को ऐसी क्षति बताया जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। वहीं उदित राज ने भी उनके निधन को कांग्रेस के लिए बड़ी क्षति बताते हुए कहा था कि उन्होंने खास तौर पर गरीबों के लिए काफी काम किया। इन बयानों को लेकर 1984 के दंगा पीड़ित परिवारों और सिख नेताओं ने आपत्ति जताई।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को सम्मानजनक तरीके से पेश करना पीड़ित परिवारों के पुराने जख्मों को फिर से कुरेदने जैसा है। उनका कहना है कि दंगों को लेकर न्याय की लड़ाई लड़ रहे परिवारों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और राजनीतिक दलों के नेताओं को इस तरह के बयान देने से बचना चाहिए।

प्रदर्शन का नेतृत्व दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह कहलोन ने किया। सिख नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि क्या पार्टी सज्जन कुमार को अपना आदर्श या हीरो मानती है। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं से बयानों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने तथा सिख समुदाय और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की मांग की।

सिख नेताओं ने कहा कि 1984 की घटनाओं को कई दशक बीत जाने के बावजूद प्रभावित परिवारों के लिए यह मुद्दा आज भी संवेदनशील है। उनका कहना है कि पीड़ित परिवारों के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार किया जाना चाहिए और ऐसे किसी भी बयान से बचना चाहिए जिससे उनकी भावनाएं आहत हों। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व से इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।

उल्लेखनीय है कि सज्जन कुमार का गुरुवार को 80 वर्ष की उम्र में तिहाड़ जेल में निधन हुआ। वह दिसंबर 2018 से जेल में थे। 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े दो मामलों में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, जबकि दो अन्य मामलों में वह बरी हुए थे। उनके निधन के बाद कांग्रेस नेताओं की ओर से दिए गए बयानों को लेकर सिख समुदाय के एक वर्ग में नाराजगी सामने आई है। इसी विरोध में प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन कर कांग्रेस से सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफी की मांग की।