बरझर जनसुनवाई में विधायक सेना महेश पटेल ने अफसरों से पूछे तीखे सवाल, पानी से आदिवासी जमीन तक उठे मुद्दे

आलीराजपुर के बरझर में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 के तहत आयोजित जनसुनवाई में जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने पेयजल, सड़क, बिजली, शिक्षा, छात्रावास और आदिवासी जमीन से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने नल-जल योजना की जमीनी स्थिति पर सवाल करते हुए ग्रामीणों की समस्याओं के समयबद्ध निराकरण और आदिवासी जमीन से जुड़े सहमति पत्रों पर सावधानी बरतने की बात कही।

Aug 21, 2026 - 21:12
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बरझर जनसुनवाई में विधायक सेना महेश पटेल ने अफसरों से पूछे तीखे सवाल, पानी से आदिवासी जमीन तक उठे मुद्दे

UNITED NEWS OF ASIA. मुस्तकीम मुगल, आलीराजपुर। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026 के तहत बरझर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान क्षेत्र की कई जमीनी समस्याएं सामने आईं। जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने अधिकारियों के सामने पेयजल, सड़क, बिजली, शिक्षा, छात्रावास और आदिवासी जमीन से जुड़े मुद्दे उठाते हुए प्रशासन से जवाब मांगा। कार्यक्रम में 10 पंचायतों से ग्रामीण पहुंचे थे।

जनसुनवाई में कलेक्टर नीतू माथुर, इंदौर संभाग के आयुक्त, शासन के प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। विधायक ने कहा कि जनसुनवाई केवल आवेदन जमा करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान भी जमीन पर दिखाई देना चाहिए।

विधायक ने क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार गांव-गांव नल से पानी पहुंचाने की बात करती है, लेकिन कई ग्रामीण अब भी नालों और अन्य जलस्रोतों पर निर्भर हैं। बारिश के दौरान दूषित पानी के इस्तेमाल से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है।

उन्होंने गांव-गांव पेयजल व्यवस्था का सर्वे कराने और जहां जरूरत हो वहां तत्काल सुधार कराने की मांग की। विधायक ने सवाल किया कि यदि नल-जल योजना का लाभ ग्रामीणों तक पहुंच रहा है तो कई परिवार आज भी नाले का पानी इस्तेमाल करने को मजबूर क्यों हैं।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी विधायक ने अधिकारियों के सामने कई सवाल रखे। उन्होंने स्कूलों के परीक्षा परिणाम, छात्रावासों में वार्डन और जरूरी स्टाफ की उपलब्धता पर ध्यान देने की मांग की।

छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा, भोजन और पढ़ाई की गुणवत्ता को लेकर भी उन्होंने प्रशासन से जवाबदेही तय करने की बात कही। विधायक ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और कार्रवाई समयबद्ध तरीके से होनी चाहिए।

जनसुनवाई में क्षेत्र की सड़कों की गुणवत्ता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। विधायक ने कहा कि कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं और बारिश के बाद सड़कों की स्थिति खराब हो रही है।

उन्होंने मांग की कि जहां भी निर्माण कार्य में अनियमितता या घटिया गुणवत्ता सामने आए, वहां जिम्मेदारी तय की जाए। साथ ही भुगतान और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

सेजवाड़ा-अंबुआ सड़क का मुद्दा भी विधायक ने उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री, कलेक्टर और संभागायुक्त से इस लंबे समय से लंबित सड़क का काम जल्द शुरू कराने की मांग की।

विधायक ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था का सर्वे कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए अक्सर रात में बिजली मिलने के कारण अंधेरे में खेतों तक जाना पड़ता है। उन्होंने किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार उचित समय पर बिजली उपलब्ध कराने की मांग की।

जनसुनवाई में आदिवासी जमीन से जुड़ा मुद्दा सबसे प्रमुख रहा। विधायक सेना महेश पटेल ने जमीन से संबंधित प्रस्तावों और सहमति पत्रों को लेकर प्रशासन से सवाल किया। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों या सरपंचों पर जमीन संबंधी सहमति देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है तो यह गंभीर विषय है।

विधायक ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी जमीन संबंधी दस्तावेज को समझे बिना उस पर हस्ताक्षर न करें। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की जमीन महत्वपूर्ण संपत्ति है और उसके संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही या दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जमीन संबंधी मामलों में ग्रामीणों या सरपंचों पर दबाव जारी रहा तो ग्रामीणों के साथ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर कलेक्टर कार्यालय का घेराव भी किया जाएगा।

बरझर की जनसुनवाई में उठे इन मुद्दों के बाद अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। पेयजल, सड़क, बिजली, शिक्षा और आदिवासी जमीन से जुड़े मामलों में प्रशासन किस तरह और कितनी तेजी से कदम उठाता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।