ढौर में बैगलेस डे पर गांधी-शास्त्री जयंती, चित्रकला और लघु नाटिका से दिया देशभक्ति का संदेश
शासकीय प्राथमिक शाला ढौर क्रमांक 2, जिला दुर्ग में बैगलेस डे पर महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती देशभक्ति के माहौल में मनाई गई। इस अवसर पर बच्चों ने चित्रकला नारा लेखन निबंध प्रतियोगिता अभिनय में भाग लिया।
UNITED NEWS OF ASIA. लोकेश्वर सिंह ठाकुर, भिलाई। शासकीय प्राथमिक शाला ढौर क्रमांक 2, जिला दुर्ग में बैगलेस डे के अवसर पर महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जयंती हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाई गई। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने चित्रकला, निबंध लेखन, नारा लेखन और अभिनय के माध्यम से दोनों महान नेताओं के जीवन, विचारों और देश के प्रति उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने महात्मा गांधी के जीवन और उनके विचारों को अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया। कुछ बच्चों ने बापू की वेशभूषा धारण कर उनके व्यक्तित्व को जीवंत किया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया। महात्मा गांधी के प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजाराम’ का सामूहिक गायन भी किया गया। वहीं लाल बहादुर शास्त्री के प्रसिद्ध नारे ‘जय जवान जय किसान’ से विद्यालय परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।
बैगलेस डे के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबों और नियमित कक्षा शिक्षण से अलग रचनात्मक एवं व्यावहारिक गतिविधियों से जोड़ना रहा। चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने गांधी जी और शास्त्री जी के जीवन से जुड़े विषयों पर अपनी कल्पनाशीलता को कागज पर उकेरा। निबंध लेखन के माध्यम से बच्चों ने दोनों महापुरुषों के विचारों और देश के लिए उनके योगदान को अपने शब्दों में व्यक्त किया। नारा लेखन और अभिनय गतिविधियों ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता को बढ़ाने का अवसर दिया।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण लघु नाटिका रही, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों ने महात्मा गांधी के जीवन और उनके सिद्धांतों को प्रस्तुत किया। बच्चों ने सत्य और अहिंसा के महत्व को अपनी प्रस्तुति के माध्यम से समझाने का प्रयास किया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य, अहिंसा और सादगी के सिद्धांतों पर आधारित था। वहीं लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन और देश सेवा से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया।
प्रधान पाठक अनिल कुमार थारवानी एवं शिक्षिका धनेश्वरी बंजारे ने विद्यार्थियों को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को सत्य, अहिंसा, अनुशासन, सादगी और देशप्रेम के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया। शिक्षकों ने कहा कि महान व्यक्तित्वों के विचारों को केवल कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय उनके सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने स्वच्छता अभियान में भी सहभागिता निभाई। बच्चों ने विद्यालय परिसर को स्वच्छ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया और साफ-सफाई के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने अपने घर और आसपास के क्षेत्र में भी स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। स्वच्छता शपथ के माध्यम से बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
इस अवसर पर आयोजित गतिविधियों ने विद्यार्थियों में देशभक्ति, रचनात्मकता, सामाजिक जिम्मेदारी और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम किया। गांधी-शास्त्री जयंती का यह आयोजन बच्चों के लिए सीखने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी बना। बैगलेस डे के माध्यम से विद्यार्थियों ने मनोरंजक गतिविधियों के साथ महापुरुषों के विचारों, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी आत्मसात किया।