समीक्षा बैठक के दौरान सचिव डॉ. बसवराजु ने शैक्षणिक संस्थाओं के लिए आवश्यक भवन निर्माण हेतु उपयुक्त भूमि के चिन्हांकन की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थानों की आवश्यकता के अनुरूप उपयुक्त स्थान का चयन कर आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। उन्होंने पिपरिया में आईटीआई के लिए चिन्हांकित स्थल की भी समीक्षा की और विद्यार्थियों तथा संस्थान की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बेहतर एवं उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सचिव ने आईटीआई में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के क्रियान्वयन की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके और भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने युवाओं को उपलब्ध अवसरों की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचाने और पात्र युवाओं को योजना से जोड़ने पर जोर दिया।
बैठक में सीजीआईटी की प्रवेश प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। सचिव ने प्रवेश से जुड़ी व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया व्यवस्थित और सुगम हो, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
रोजगार विभाग की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए डॉ. बसवराजु ने जिले में उपलब्ध रोजगार अवसरों और युवाओं को रोजगार से जोड़ने की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि युवाओं की योग्यता, रुचि और कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने नियमित रूप से रोजगार मेलों का आयोजन करने और निजी एवं अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों से अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिले में संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं की संख्या, प्रशिक्षण की प्रकृति और प्रशिक्षण के बाद रोजगार से जुड़ने की स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को वर्तमान और भविष्य की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण दिया जाए। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ना होना चाहिए।
सचिव ने अधिकारियों को विभागीय योजनाओं की नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं को और मजबूत किया जा सकता है। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।