आदिवासी छात्रावासों को लेकर राहुल गांधी का बड़ा दावा, छात्राओं की गरिमा और सुविधाओं पर उठाए सवाल

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के आदिवासी छात्रावासों की व्यवस्थाओं और कथित नियमों को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है। उन्होंने छात्रावासों में छात्राओं के कथित प्रेग्नेंसी टेस्ट, 30 वर्ष की आयु सीमा, सुरक्षा, भोजन, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। राहुल गांधी का कहना है कि लंबे अवकाश के बाद लौटने वाली छात्राओं को कथित तौर पर विभिन्न मेडिकल जांच से गुजरना पड़ता है। उन्होंने इसे छात्राओं की गरिमा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए मुख्यमंत्री से मामले की जांच और छात्रों की समस्याओं के समाधान की मांग की है।

Aug 25, 2026 - 11:40
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आदिवासी छात्रावासों को लेकर राहुल गांधी का बड़ा दावा, छात्राओं की गरिमा और सुविधाओं पर उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. महाराष्ट्र के आदिवासी छात्रावासों की व्यवस्थाओं और वहां लागू कथित नियमों को लेकर कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर कई गंभीर मुद्दे उठाए हैं। राहुल गांधी ने दावा किया है कि कुछ सरकारी आदिवासी छात्रावासों में लंबे अवकाश के बाद लौटने वाली छात्राओं को प्रेग्नेंसी टेस्ट समेत अन्य मेडिकल जांच से गुजरना पड़ता है। उन्होंने इस कथित प्रक्रिया को छात्राओं की गरिमा और सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए तत्काल ध्यान देने की मांग की है।

राहुल गांधी के अनुसार उन्होंने पुणे में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान आदिवासी छात्रों से मुलाकात की थी। छात्रों ने उन्हें छात्रावासों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और अपनी मांगों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों का ज्ञापन और मुख्यमंत्री को लिखा अपना पत्र साझा किया।

राहुल गांधी ने दावा किया कि महाराष्ट्र के कई आदिवासी छात्र अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। उनके अनुसार छात्रों ने छात्रावासों में लागू कथित 30 वर्ष की आयु सीमा, खराब बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, भोजन, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित समस्याएं उनके सामने रखीं। उनका कहना है कि उम्र सीमा के कारण ऐसे कई विद्यार्थियों के सामने छात्रावास की सुविधा जारी रखने को लेकर परेशानी खड़ी हो सकती है, जो अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं।

कांग्रेस नेता ने छात्राओं से संबंधित कथित मेडिकल जांच के मुद्दे को विशेष रूप से उठाया। उनका कहना है कि लंबी छुट्टी के बाद लौटने वाली छात्राओं के लिए यदि ऐसी जांच अनिवार्य की जा रही है, तो यह उनकी निजता और गरिमा से जुड़ा संवेदनशील मामला है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने और छात्रों की शिकायतों का समाधान करने की अपील की है।

राहुल गांधी ने छात्रावासों की कथित खराब स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने भोजन, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था में कमियों का आरोप लगाया। उनके अनुसार छात्रों ने असुरक्षित वातावरण और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि आदिवासी विद्यार्थी किसी विशेष रियायत की मांग नहीं कर रहे, बल्कि अपने अधिकारों और बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से छात्रों की समस्याओं पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान देने और उनसे संवाद कर समाधान निकालने की अपील की है। इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित प्रशासनिक जांच या आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।