छिंदवाड़ा अशासकीय शाला संघ की जिला स्तरीय बैठक में विद्यालय हित पर मंथन, जिला कार्यकारिणी का पुनर्गठन

छिंदवाड़ा अशासकीय शाला संघ की जिला स्तरीय बैठक में अशासकीय विद्यालयों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में 92 विद्यालय संचालकों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। RTE फीस प्रतिपूर्ति, टीसी और विद्यालयों के अद्यतन कार्यों सहित कई विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान जिला कार्यकारिणी का पुनर्गठन करते हुए संगठन को जिले के सभी 11 विकासखंडों में मजबूत करने की कार्ययोजना तैयार की गई।

Aug 25, 2026 - 07:57
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छिंदवाड़ा अशासकीय शाला संघ की जिला स्तरीय बैठक में विद्यालय हित पर मंथन, जिला कार्यकारिणी का पुनर्गठन

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज पटेल, छिंदवाड़ा l अशासकीय विद्यालयों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों और संगठनात्मक विस्तार को लेकर छिंदवाड़ा अशासकीय शाला संघ की जिला स्तरीय बैठक रविवार को पोला ग्राउंड के पास स्थित मोमेंटम कोचिंग क्लासेस में आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 92 विद्यालय संचालकों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इस दौरान विद्यालयों के संचालन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए संगठन को अधिक प्रभावी और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में RTE फीस प्रतिपूर्ति भुगतान, पूर्ण शुल्क लिए बिना टीसी प्रदान न करने से जुड़े विषय, विद्यालयों के अद्यतन संबंधी कार्य और अशासकीय विद्यालयों के संचालन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। विद्यालय संचालकों ने अपने अनुभव, समस्याएं और सुझाव साझा किए तथा विद्यालय हित से जुड़े विषयों को सामूहिक रूप से संबंधित विभाग और अधिकारियों के समक्ष रखने पर जोर दिया।

बैठक के दौरान छिंदवाड़ा अशासकीय शाला संघ की जिला कार्यकारिणी का पुनर्गठन भी किया गया। संगठन को व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न पदों की जिम्मेदारियां तय की गईं। नई कार्यकारिणी में सभापति अखिलेश चौहान, अध्यक्ष आन्तनु दासगुप्ता, उपाध्यक्ष विनोद दुबे और हेमन्त शर्मा, सचिव मनीष तिवारी, सह-सचिव अंशुल उपाध्याय, कोषाध्यक्ष ऋषि अग्रवाल, मीडिया प्रभारी जयविंद डेहरिया तथा प्रशासनिक समन्वयक प्रभारी भुजेंद्र शर्मा को दायित्व सौंपा गया। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में संतोष सनोडिया, अंजना भाटिया और हरिश गढ़ेवाल को शामिल किया गया।

बैठक में जिले के सभी 11 विकासखंडों में संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत विकासखंड स्तर पर संगठन का पुनर्गठन किया जाएगा और प्रत्येक विकासखंड में बैठक आयोजित कर विद्यालय संचालकों से सीधे संवाद स्थापित किया जाएगा। सदस्य विद्यालयों से नियमित संपर्क, नए विद्यालयों को संगठन से जोड़ने और विद्यालय संचालकों की समस्याओं एवं सुझावों का व्यवस्थित संकलन करने की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि जिन विषयों का प्रभाव बड़ी संख्या में अशासकीय विद्यालयों पर पड़ता है, उन्हें व्यक्तिगत स्तर के बजाय संगठन के माध्यम से सामूहिक रूप से संबंधित विभागों और अधिकारियों के समक्ष रखा जाए। संगठन विद्यालय हित से जुड़े विषयों पर तथ्यों और लागू नियमों के आधार पर सकारात्मक एवं प्रभावी संवाद स्थापित करने की दिशा में कार्य करेगा।

वक्ताओं ने कहा कि संगठन की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, आपसी सहयोग और सक्रिय सहभागिता में निहित है। सभी सदस्य विद्यालयों को संगठन की गतिविधियों से जोड़कर नियमित संवाद और सहभागिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। बैठक में शामिल 92 विद्यालय संचालकों एवं प्रतिनिधियों की सहभागिता को संगठन की आगामी गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया गया।

बैठक का समापन अशासकीय विद्यालयों के हित, आपसी सहयोग, संगठन की मजबूती और सभी विद्यालय संचालकों को साथ लेकर आगे बढ़ने के संकल्प के साथ हुआ।